गुरुग्राम में शराब की नीलामी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: शंकर चौक ने मारी 63 करोड़ की बाज़ी
हरियाणा के गुरुग्राम ज़िले में शराब के ठेकों की नीलामी के दौरान शंकर चौक जोन ने सबसे ऊंची बोली हासिल की — 63 करोड़ रुपये, जो अब तक की सबसे बड़ी बोली है। वहीं DLF फेज-3 ज़ोन 62 करोड़ रुपये की बोली के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
कब और कहाँ?
नीलामी का आयोजन मंगलवार, 28 मई 2025 को हुआ।
यह नीलामी हरियाणा आबकारी विभाग के गुरुग्राम पश्चिम ज़ोन के अंतर्गत हुई, जिसमें 83 में से 62 जोन की नीलामी संपन्न हुई।
प्रमुख क्षेत्र: शंकर चौक, DLF-3, मानेसर, उद्योग विहार-5 और गडौली।
क्यों है यह बड़ी खबर?
शंकर चौक और DLF-3 में शराब की मांग अत्यधिक तेज़ी से बढ़ी है।
गुरुग्राम का नाइटलाइफ और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर लगातार फल-फूल रहा है।
इन इलाकों में कॉर्पोरेट और उच्च आय वर्ग के लोगों की मौजूदगी ज़्यादा है, जिससे शराब के कारोबार में मोटा मुनाफा होने की संभावना रहती है।
63 करोड़ की बोली यह दर्शाती है कि इन इलाकों में शराब कारोबार निवेशकों के लिए अत्यंत लाभदायक बन चुका है।
कौन शामिल हुए?
नीलामी में बड़े व्यापारी, कॉर्पोरेट हाउस और निवेशक समूह शामिल हुए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक थी कि कुछ जगहों पर आरंभिक मूल्य से 50% तक ज़्यादा बोली लगी।
किन ज़ोन में क्या स्थिति रही?
शंकर चौक: ₹63 करोड़ (लगभग आरक्षित मूल्य के बराबर)।
DLF-3: ₹62 करोड़ (आरंभिक मूल्य से ₹3 करोड़ अधिक)।
उद्योग विहार-5: ₹38.6 करोड़ (आरंभिक मूल्य के लगभग बराबर)।
गडौली जोन: ₹28.13 करोड़ (आरक्षित मूल्य ₹18.5 करोड़ से 52% अधिक)।
पश्चिम जोन कुल बोली: ₹1,270 करोड़ (आरक्षित मूल्य: ₹1,152 करोड़)।
आगे क्या?
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र के बाकी जोनों की नई टेंडर प्रक्रिया जून के पहले सप्ताह में शुरू की जाएगी।
आबकारी विभाग भविष्य में भी हाई-डिमांड वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए नीलामी करेगा।
निष्कर्ष: गुरुग्राम में शराब कारोबार ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है। 63 करोड़ की बोली यह संकेत देती है कि शहर में शराब का व्यापार अब सिर्फ एक लाइसेंस नहीं, बल्कि एक बड़ा निवेश अवसर बन चुका है — और इसके ज़रिए राज्य सरकार को भी रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति हो रही है।
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