देशभर में तेजी से बढ़ रही साइबर धोखाधड़ी के मामलों के बीच सरकार ने जीएसटी करदाताओं को सतर्क रहने की सख्त चेतावनी दी है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने फर्जी जीएसटी नोटिस, नकली समन और खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर कॉल करने वाले जालसाजों के खिलाफ अलर्ट जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि धोखेबाज अब बेहद शातिर तरीके अपनाकर लोगों को डराने और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल, हाल के दिनों में निजी कंपनियों, व्यापारियों और जीएसटी करदाताओं को ई-मेल, व्हाट्सऐप मैसेज और यहां तक कि फिजिकल नोटिस के जरिए फर्जी जीएसटी समन भेजे जा रहे हैं। इन नोटिसों में भारी जुर्माने, गिरफ्तारी या बैंक अकाउंट फ्रीज करने जैसी धमकियां दी जाती हैं। कई मामलों में जालसाज खुद को केंद्रीय जीएसटी अधिकारी बताकर फोन कॉल भी कर रहे हैं और तुरंत भुगतान करने का दबाव बना रहे हैं। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए CBIC ने देशभर के करदाताओं को सावधान किया है।
CBIC ने अपने बयान में कहा है कि जालसाज असली जीएसटी दस्तावेजों की हूबहू नकल कर रहे हैं, ताकि नोटिस देखने में पूरी तरह असली लगे। इसके लिए वे फर्जी दस्तावेज पहचान संख्या (DIN), नकली अधिकारियों के नाम और पदनाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार नोटिस में ऐसे सरकारी शब्दों और कानूनी भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे आम करदाता घबरा जाता है और बिना जांच-पड़ताल किए जाल में फंस जाता है।
बोर्ड ने साफ तौर पर सलाह दी है कि जीएसटी विभाग की ओर से मिलने वाले हर नोटिस, समन या पत्र में दर्ज ‘दस्तावेज पहचान संख्या’ यानी DIN को जरूर सत्यापित करें। यह सत्यापन सीबीआईसी के आधिकारिक पोर्टल पर किया जा सकता है। अगर नोटिस असली होगा तो सिस्टम पर उसकी पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। लेकिन अगर DIN सत्यापित नहीं होता है, तो समझ लें कि नोटिस फर्जी है और इसकी तुरंत सूचना संबंधित विभाग या साइबर क्राइम सेल को दें।
CBIC ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग कभी भी फोन कॉल, व्हाट्सऐप या निजी ई-मेल के जरिए टैक्स जमा कराने का दबाव नहीं बनाता। किसी भी तरह का भुगतान केवल आधिकारिक जीएसटी पोर्टल के माध्यम से ही किया जाता है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक यूजर की शिकायत का जवाब देते हुए भी CBIC ने यही दोहराया कि करदाता घबराएं नहीं, बल्कि हर सूचना की जांच करें और संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट करें।
सरकार ने करदाताओं से अपील की है कि वे सतर्क रहें, किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें और न ही किसी को अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करें। बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी के इस दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है, और थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
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