शेयर बाजार में तेजी से अमीर बनने का सपना हर निवेशक देखता है, लेकिन यह सपना जितना आकर्षक है, उतना ही जोखिम से भरा भी है। हाल ही में फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग से जुड़ा एक मामला सामने आया, जिसने बाजार से जुड़े लोगों को चौंका दिया। एक ट्रेडर ने महज 20 मिनट के भीतर 1.75 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा लिया। यह सुनकर भले ही लगे कि F&O ट्रेडिंग से मिनटों में करोड़पति बना जा सकता है, लेकिन इस कहानी के पीछे की हकीकत कहीं ज्यादा जटिल और डरावनी है।
यह पूरा मामला एक तकनीकी खामी से शुरू हुआ। राजगुरु नाम के एक ट्रेडर के अकाउंट में उसके ब्रोकर के सिस्टम में आई गड़बड़ी की वजह से अचानक करीब 40 करोड़ रुपये की मार्जिन लिमिट दिखाई देने लगी। यह रकम असल में ट्रेडर की नहीं थी, बल्कि सिस्टम की गलती से अकाउंट में नजर आ रही थी। इस असामान्य स्थिति का फायदा उठाते हुए ट्रेडर ने F&O सेगमेंट में बड़े सौदे कर डाले, जो सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं थे।
ट्रेड की शुरुआत बेहद तनावपूर्ण रही। बाजार की चाल शुरुआत में ट्रेडर के खिलाफ चली गई और कुछ ही मिनटों में उसे करीब 54 लाख रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा। आम निवेशक के लिए यह स्थिति ट्रेड बंद करने की होती है, लेकिन बाजार की अनिश्चित प्रकृति ने अचानक करवट ली। जैसे ही बाजार की दिशा बदली, ट्रेडर ने अपनी पोजिशन को संभाला और घाटे का सौदा तेजी से मुनाफे में बदल गया। कुछ ही समय में यह सौदा 2.38 करोड़ रुपये के प्रॉफिट में पहुंच गया। खर्च और टैक्स निकालने के बाद ट्रेडर के हाथ करीब 1.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ लगा।
इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या F&O ट्रेडिंग से वाकई मिनटों में करोड़ों रुपये कमाए जा सकते हैं? तकनीकी तौर पर इसका जवाब ‘हां’ हो सकता है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा ‘लेकिन’ भी जुड़ा है। यह कमाई बेहद असाधारण परिस्थितियों में हुई, जिसमें तकनीकी खामी और बाजार का अचानक पलटना शामिल था। अगर बाजार विपरीत दिशा में ही चलता रहता, तो यही सौदा करोड़ों के नुकसान में भी बदल सकता था।
दरअसल, F&O ट्रेडिंग को लेकर आंकड़े बेहद सख्त चेतावनी देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस सेगमेंट में रिटेल निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही नुकसान भी बढ़ा है। बाजार नियामक सेबी के वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में 91 प्रतिशत व्यक्तिगत ट्रेडर्स को कुल मिलाकर 1.06 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। औसतन देखा जाए, तो हर ट्रेडर को करीब 1.1 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ा है।
इसी बढ़ते जोखिम को देखते हुए सेबी ने अक्टूबर 2024 से F&O ट्रेडिंग से जुड़े नियमों को सख्त करना शुरू किया। रेगुलेटर का मानना है कि यह निवेश से ज्यादा सट्टेबाजी का रूप ले चुका है। बाजार विशेषज्ञों का भी कहना है कि जिस तरह ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार ने सख्ती दिखाई है, उसी तरह भविष्य में F&O ट्रेडिंग पर भी और कड़े नियम लागू हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, 20 मिनट में 1.75 करोड़ रुपये कमाने की यह कहानी जितनी आकर्षक लगती है, उतनी ही खतरनाक भी है। यह एक अपवाद है, नियम नहीं। F&O ट्रेडिंग में कदम रखने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि यहां 9 में से 10 लोग पैसा गंवाते हैं। ऐसे में बिना पूरी जानकारी, अनुभव और जोखिम सहने की क्षमता के इस बाजार में उतरना किसी बर्बादी के दलदल में कदम रखने जैसा हो सकता है।
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