निवेशकों की मुनाफावसूली और फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर अनिश्चितता से बाजार में दबाव, दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में गिरे दाम
मंगलवार, 4 नवंबर की सुबह सोने और चांदी के दामों में हल्की गिरावट देखने को मिली है। डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते सोने की कीमतों पर असर पड़ा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 10:20 बजे दिसंबर वायदा में सोना 0.68% गिरकर ₹1,20,583 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, इसी समय चांदी में 0.66% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹1,46,783 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।
पिछले कुछ दिनों से सोने के भाव में लगातार तेजी देखी जा रही थी, लेकिन अब निवेशक ऊंचे दामों पर मुनाफा निकालने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी है, क्योंकि दीवाली और शादी के सीजन में दोबारा सोने की खरीद बढ़ सकती है। वहीं, डॉलर की मजबूती से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने के आज के भाव
दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,22,510 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,12,400 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता, बैंगलोर और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,22,460 और 22 कैरेट ₹1,12,250 प्रति 10 ग्राम है। अहमदाबाद और वडोदरा में 24 कैरेट सोना ₹1,22,510 जबकि 22 कैरेट ₹1,12,300 पर मिल रहा है। वहीं, केरल में 22 कैरेट सोना ₹1,12,220 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।
डॉलर की मजबूती से सोने की मांग घटी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें डॉलर में तय होती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो बाकी करेंसी वालों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग घटती है। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स 0.20% बढ़कर 100.05 के स्तर पर पहुंच गया, जो तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। माना जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। बीते महीने फेड ने ब्याज दरों में कटौती की थी, लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने आगे और कटौती की संभावना को नकारा, जिससे निवेशकों ने सेफ हेवन एसेट्स से पैसा निकालना शुरू किया।
चांदी के दामों में भी हल्की गिरावट, फिर भी मांग बरकरार
चांदी की कीमतों में भी मंगलवार को गिरावट देखी गई। MCX पर चांदी ₹1,46,783 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। हालांकि, बीते कुछ महीनों में इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने से चांदी की खपत में उछाल देखा गया है। अब चांदी केवल आभूषण या सिक्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ऑटोमोबाइल उद्योगों में तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि करीब 60-70% चांदी अब इंडस्ट्रियल सेक्टर में खपत हो रही है, जिससे लंबे समय में इसकी कीमतें फिर चढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतियों के चलते सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में त्योहारी और शादी सीजन से घरेलू मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे फिर से इन दोनों की चमक लौट सकती है।
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