April 20, 2026

दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल, क्या आने वाले दिनों में बढ़ेगी और तेजी?

दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट के बाद बुधवार को एक अचानक तेजी देखने को मिली है। बुधवार को सोने की कीमतों में 200 रुपए से अधिक का इजाफा हुआ, जबकि चांदी की कीमत में भी एक बड़ी बढ़ोतरी हुई और यह 1,500 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। बाजार में इस बदलाव से खुदरा विक्रेताओं के बीच खुशी की लहर है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में इन कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है। विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है, जो भारतीय बाजारों को प्रभावित कर रही है।

सोने की कीमतों में वृद्धि
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, बुधवार को सोने की कीमतें चार दिन की गिरावट के बाद 235 रुपए की तेजी के साथ 90,685 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। मंगलवार को यह कीमत 90,450 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का दाम भी 235 रुपए बढ़कर 90,235 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि पिछली कीमत 90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। व्यापारियों के मुताबिक, ताजा लिवाली और खुदरा विक्रेताओं की मांग के कारण सोने की कीमतों में सुधार आया है।

चांदी के दाम में भारी उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है। चांदी की कीमत 1,500 रुपए बढ़कर 1,01,500 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। मंगलवार को यह 1,00,000 रुपए प्रति किलोग्राम थी। वैश्विक बाजारों में भी हाजिर सोना 0.16 प्रतिशत बढ़कर 3,024.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि एशियाई बाजार में अप्रैल डिलीवरी के लिए कॉमेक्स सोना वायदा 3,059.10 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया।

विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में हुई यह तेजी मुख्यतः सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और सोने पर आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से आने वाले मजबूत प्रवाह के कारण है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ फैसले के आसपास की अनिश्चितता ने सोने को सपोर्ट किया है। इसके साथ ही, वैश्विक आर्थिक स्थितियों ने भी सोने की कीमतों को मजबूती दी है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के उपाध्यक्ष रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी जीडीपी और कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स जैसे प्रमुख मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा जारी होने से बाजार की दिशा तय हो सकती है। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि इस समय निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।

क्या है सोने और चांदी की कीमतों का भविष्य?
विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, ऐसे में वैश्विक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने और चांदी की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, आने वाले दिनों में बाजार के अन्य कारकों के आधार पर इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। निवेशक अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आगामी आर्थिक रिपोर्ट्स और वैश्विक घटनाक्रम सोने की कीमतों पर किस तरह का प्रभाव डालते हैं।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि सोने और चांदी की कीमतों में इस समय तेज़ी का माहौल है, लेकिन इसके बाद क्या होगा, यह आगामी घटनाओं और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

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