April 18, 2026

आंध्र में एयर इंडिया की बड़ी छलांग: फार्मा लॉजिस्टिक्स में मिला अंतरराष्ट्रीय ‘GDP’ सर्टिफिकेशन, बनी भारत की पहली एयरलाइन

भारत की अग्रणी वैश्विक एयरलाइन एयर इंडिया ने फार्मास्युटिकल लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ‘गुड डिस्ट्रीब्यूशन प्रैक्टिसेज़’ (GDP) सर्टिफिकेशन प्राप्त कर लिया है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रमाणन उस प्रणाली को मान्यता देता है जो दवाओं के सुरक्षित, तापमान नियंत्रित और उच्च गुणवत्ता वाले परिवहन को सुनिश्चित करती है। इस मान्यता के साथ एयर इंडिया भारत की पहली और एकमात्र एयरलाइन बन गई है जिसे यह सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है, और वह एशिया की गिनी-चुनी एयरलाइनों में शामिल हो गई है जिन्हें इस स्तर की लॉजिस्टिक्स गुणवत्ता की पुष्टि मिली है।

GDP सर्टिफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जो यह सुनिश्चित करती है कि दवाइयों का परिवहन एक सख्त तापमान नियंत्रण, साफ-सुथरे माहौल और सही प्रक्रियाओं के तहत हो रहा है। एयर इंडिया ने इस दिशा में कई तकनीकी और प्रक्रियागत सुधार किए हैं। कंपनी ने अपने कार्गो सिस्टम में तापमान नियंत्रित कंटेनरों का उपयोग शुरू किया है, कूल डॉली और थर्मल ब्लैंकेट्स जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के दिशा-निर्देशों पर स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

GDP सर्टिफिकेशन मिलने के बाद एयर इंडिया की फार्मास्युटिकल लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को वैश्विक बाजार में एक नई पहचान मिलेगी और यह भारत को एक मजबूत फार्मा एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। कंपनी के कार्गो प्रमुख रमेश मामिडाला ने बताया कि भारत दुनिया के प्रमुख दवा निर्यातक देशों में से एक है और इस प्रमाणन से न केवल एयर इंडिया को विश्वसनीयता हासिल होगी, बल्कि ग्राहकों को भी विश्वास मिलेगा कि उनका संवेदनशील और मूल्यवान कार्गो सुरक्षित हाथों में है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में एयर इंडिया ने वैश्विक स्तर पर 4,000 टन से अधिक दवाओं का परिवहन किया है, जो इसके फार्मा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मजबूती को दर्शाता है। एयर इंडिया के पास अब दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, इंदौर और गोवा जैसे प्रमुख भारतीय शहरों में GDP सर्टिफाइड स्टेशन हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में न्यूयॉर्क, नेवार्क, शिकागो, लंदन, फ्रैंकफर्ट, पेरिस और एम्स्टर्डम जैसे प्रमुख गेटवे शामिल हैं।

एयर इंडिया का यह कदम न सिर्फ दवा उद्योग के लिए बल्कि भारत के लॉजिस्टिक्स और निर्यात क्षेत्र के लिए भी एक मील का पत्थर है। इस सर्टिफिकेशन के बाद एयर इंडिया अब अधिक वैश्विक फार्मा कंपनियों के लिए विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स पार्टनर बनकर उभर सकती है। यह उपलब्धि एयर इंडिया के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी और भारत को अंतरराष्ट्रीय फार्मा लॉजिस्टिक्स के मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाएगी।

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