गाजीपुर में बिजली विभाग का बड़ा छापा: 37 मीटर बरामद, 15 बिजली चोर गिरफ्तार, सात लाख की वसूली
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग की छापामार टीम ने एक घर में छापेमारी के दौरान 37 बिजली मीटर बरामद किए। इनमें 26 नए मीटर और 11 पुराने मीटर शामिल थे। इस छापेमारी के दौरान बिजली विभाग ने 15 बिजली चोरों को भी पकड़ लिया और उनसे सात लाख रुपये की वसूली की। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया, और बिजली चोरी करने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ा संदेश था।
मॉर्निंग रेड अभियान की बड़ी सफलता
गाजीपुर जिले में बिजली चोरी के मामलों पर काबू पाने के लिए पिछले कुछ समय से बिजली विभाग द्वारा मॉर्निंग रेड अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, यह अभियान कुछ समय के लिए बंद था, लेकिन अब इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। इस अभियान में एसडीओ, अधिशासी अभियंता, और जेई सहित कई अधिकारी शामिल रहते हैं। गुरुवार को गाजीपुर शहर के मिश्र बाजार, लाल दरवाजा, रजदेपुर और अन्य इलाकों में बिजली विभाग की चार टीमों ने सुबह 6 बजे से 10 बजे तक एक बड़े स्तर पर छापेमारी की।
इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने 15 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। साथ ही इन उपभोक्ताओं से करीब सात लाख रुपये की वसूली की गई। इस छापेमारी में विभाग ने न सिर्फ बिजली चोरी करने वालों को पकड़ा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि शहर में बिजली चोरी के मामले कितने बड़े पैमाने पर हो रहे हैं।
गुप्त सूचना पर छापा, 37 मीटर बरामद
इसी अभियान के तहत बिजली विभाग को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मिश्र बाजार इलाके में एक व्यक्ति के घर पर अवैध रूप से बिजली मीटर रखे गए हैं। सूचना के बाद विभाग ने इस इलाके में छापेमारी करने का निर्णय लिया। जब बिजली विभाग की टीम ने संजय कुमार गुप्ता के घर पर छापा मारा, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। घर के कोने-कोने की तलाशी लेने के बाद वहां से 37 बिजली मीटर बरामद हुए।
इन मीटरों में 26 नए मीटर और 11 पुराने मीटर थे, जो विभाग के लिए बेहद चौंकाने वाला था। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि इतने मीटर एक ही घर में कहां से आए। इस सवाल ने जांच को और भी गंभीर बना दिया, और विभागीय अधिकारियों को संदेह हुआ कि कहीं इस मामले में विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल तो नहीं।
क्या है संजय कुमार गुप्ता की भूमिका?
अधिकारियों ने संजय कुमार गुप्ता के घर से बरामद मीटरों की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर मीटरों का एक साथ मिलना, विभागीय कर्मचारियों और बाहरी लोगों के मिलेजुले काम का संकेत हो सकता है। इसके बाद, विभाग ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है बिजली विभाग का अगला कदम?
गाजीपुर बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह छापेमारी अभियान और भी तेज किया जाएगा। विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बिजली चोरी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों में शामिल सभी दोषियों को सजा दी जाए।
साथ ही, विभाग ने बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली के लिए भी कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अब गाजीपुर में बिजली चोरी पर नियंत्रण पाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और हर किसी को यह समझाया जाएगा कि बिजली चोरी करना कानूनन अपराध है, और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
बिजली चोरी पर कड़ी नजर
गाजीपुर जिले में बिजली विभाग के लाखों रुपये बकाया होने के बावजूद कई लोग चोरी से बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विभाग द्वारा यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं को सही तरीके से बिजली का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
यह छापेमारी अभियान बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हो सकता है और इससे यह संदेश भी दिया जा सकता है कि विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को सहन नहीं करेगा।
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