2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप का ड्रॉ जारी—48 टीमों के मुकाबले तय, ट्रंप को सम्मानित कर फीफा ने चौंकाया
2026 फीफा वर्ल्ड कप से जुड़ी बड़ी घोषणा वॉशिंग्टन में आयोजित भव्य ड्रॉ समारोह के दौरान सामने आई। इस इवेंट में न केवल टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज का ऐलान किया गया, बल्कि फीफा ने पहली बार अपने ‘पीस अवॉर्ड’ की शुरुआत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस सम्मान से नवाजा। आयोजन स्थल पर जुटी हजारों फुटबॉल फैंस और खेल जगत की हस्तियों के सामने ट्रंप को फीफा अध्यक्ष गियानी इनफेंटिनो ने ट्रॉफी, मेडल और सर्टिफिकेट का पैकेज सौंपकर सम्मानित किया। यह अवॉर्ड उनकी उन कोशिशों के लिए दिया गया, जिन्हें फीफा ने “अंतरराष्ट्रीय खेल सहयोग और सद्भावना बढ़ाने वाला” बताया है।
फीफा के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह अवॉर्ड नोबेल शांति पुरस्कार की तर्ज पर तैयार किया गया है। लंबे समय से ट्रंप इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मान की इच्छा रखते थे। फीफा ने कुछ सप्ताह पहले ही नाम की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद से यह चर्चा का केंद्र बना हुआ था। ड्रॉ समारोह में इस पुरस्कार के लिए विशेष मंच तैयार किया गया था, जहाँ ट्रंप ने कहा कि खेल दुनिया को जोड़ता है और फुटबॉल इसके सबसे बड़े स्तंभों में से एक है। इस सम्मान ने आगामी वर्ल्ड कप की शुरुआत को और विशेष बना दिया है।
इसी इवेंट में बहुप्रतिक्षित 2026 फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज का ऐलान भी किया गया। यह टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक तीन देशों—अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको—की संयुक्त मेजबानी में होगा। अगले संस्करण में पहली बार कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें 4-4 टीमों के 12 ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप स्टेज में हर टीम अपने ग्रुप की अन्य तीन टीमों से एक-एक मुकाबला खेलेगी। कुल 68 लीग मैचों के बाद हर ग्रुप की टॉप दो टीमें और आठ बेस्ट-थर्ड टीमें राउंड ऑफ 32 में जगह बनाएंगी, जिसके बाद नॉकआउट चरण शुरू होगा।
फीफा ने पूरा शेड्यूल भी जारी किया, जिसके तहत टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। नॉकआउट राउंड 32 टीमों के साथ शुरू होगा, और फिर राउंड ऑफ 16, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और अंत में 19 जुलाई को होने वाले फाइनल के जरिए चैंपियन तय होगा। इस बार का फॉर्मेट अधिक विस्तृत और रोमांचक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ज्यादा टीमों को मौका मिलेगा और मुकाबलों की संख्या भी बढ़ गई है। दुनिया भर के फैंस इस नए फॉर्मेट की खास तैयारियों को लेकर उत्साहित हैं।
ड्रॉ के अनुसार ग्रुप A में मेजबान मेक्सिको के साथ साउथ कोरिया, साउथ अफ्रीका और यूरोपीय प्लेऑफ D का विजेता रखा गया है। ग्रुप E में जर्मनी, इक्वाडोर, आइवरी कोस्ट और कुराकाओ जैसी ताकतवर टीमें हैं, जो इसे “ग्रुप ऑफ डेथ” जैसा बनाती हैं। ग्रुप H में स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब जैसे तगड़े विरोधियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। इसी तरह, फ्रांस, सेनेगल, नॉर्वे और प्लेऑफ विजेता से बना ग्रुप I भी बेहद संतुलित माना जा रहा है। कुल मिलाकर 12 ग्रुपों में दुनिया की टॉप फुटबॉल टीमों को सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले ही रोमांच का स्तर बढ़ गया है।
फीफा के इस बड़े आयोजन में खेल, राजनीति और विश्व सहयोग तीनों का संगम देखने को मिला। ट्रंप का सम्मान, वर्ल्ड कप का विस्तृत ड्रॉ, और संयुक्त मेजबानी—ये सभी बातें 2026 के वर्ल्ड कप को पिछले सभी संस्करणों से अलग और ऐतिहासिक बनाने जा रही हैं। अब दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें इस mega event पर टिक गई हैं।
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