आंध्र में रिफाइनरी परियोजना की तैयारी के बीच EPFO का बड़ा कदम, PF ट्रांसफर होगा अब बिना एम्प्लॉयर की मंजूरी के
जहां एक ओर आंध्र प्रदेश में भारत और सऊदी अरब की साझेदारी से रिफाइनरी परियोजना को लेकर हलचल तेज है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। EPFO ने फॉर्म 13 की प्रक्रिया में अहम बदलाव करते हुए पीएफ ट्रांसफर को और अधिक सरल बना दिया है। अब जब कोई कर्मचारी एक नौकरी से दूसरी नौकरी में स्विच करता है, तो उसके ईपीएफ अकाउंट को ट्रांसफर कराने के लिए नए एम्प्लॉयर यानी डेस्टिनेशन ऑफिस के अप्रूवल की जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया अब सिर्फ पुराने एम्प्लॉयर (सोर्स ऑफिस) की मंजूरी से पूरी हो जाएगी।
अब तक पीएफ ट्रांसफर प्रक्रिया में दोनों ऑफिसों—सोर्स और डेस्टिनेशन—की भागीदारी आवश्यक होती थी, जिससे प्रक्रिया में देरी और जटिलता आती थी। लेकिन EPFO के इस नए फैसले के बाद इस पूरी प्रक्रिया को ऑटोमेटेड बना दिया गया है। EPFO ने बयान जारी कर कहा है कि रीवैम्प्ड फॉर्म 13 सॉफ्टवेयर लॉन्च किया गया है, जिससे पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाया जा सकेगा। अब एक बार जब सोर्स ऑफिस से क्लेम अप्रूव हो जाएगा, तो सदस्य का खाता अपने आप ही नए एम्प्लॉयर के खाते से लिंक हो जाएगा और फंड्स ट्रांसफर हो जाएंगे।
इस बदलाव का सीधा लाभ 1.25 करोड़ से अधिक खाताधारकों को मिलेगा और हर साल लगभग 90,000 करोड़ रुपये का पीएफ ट्रांसफर आसान, तेज और पारदर्शी ढंग से संभव हो पाएगा। इस फैसले से कर्मचारियों को नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर कराने की चिंता से राहत मिलेगी और प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटेगा।
सिर्फ इतना ही नहीं, EPFO ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जनरेट करने की प्रक्रिया में भी ढील दी है। अब एम्प्लॉयर्स आधार के अतिरिक्त अपने रिकॉर्ड और कर्मचारी की आईडी के आधार पर बल्क में यूएएन जेनरेट कर सकेंगे। इससे नए कर्मचारियों का ईपीएफ खाता तेज़ी से एक्टिव किया जा सकेगा और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया भी पहले से तेज़ होगी। यह कदम उन कंपनियों के लिए बेहद लाभकारी होगा जिनमें बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ भर्ती होते हैं।
EPFO का यह निर्णय रोजगार जगत में एक बड़ा रिफॉर्म माना जा रहा है, जो न केवल कर्मचारियों की सुविधा के लिए अहम है बल्कि निजी कंपनियों और संस्थानों के लिए भी ईपीएफ से जुड़ी जिम्मेदारियों को आसान बना देगा। EPFO लगातार अपने सिस्टम को डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को समय पर और सुचारु रूप से अपनी भविष्य निधि योजनाओं का लाभ मिल सके।
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