April 30, 2026

ऑनलाइन सट्टेबाजी पर ईडी का बड़ा एक्शन: गूगल और मेटा को भेजा नोटिस, 21 जुलाई को होगी पूछताछ

भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्ती शुरू कर दी है। इस मामले में देश की दो बड़ी डिजिटल कंपनियों — गूगल और मेटा — पर शिकंजा कसते हुए उन्हें नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि इन कंपनियों ने ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रचार को खुलकर बढ़ावा दिया, जिससे करोड़ों लोगों तक ये सट्टेबाजी ऐप्स आसानी से पहुंच गए।

गूगल और मेटा के प्रचार से पहुंची सट्टेबाजी ऐप्स की लहर

ईडी के अनुसार, गूगल और मेटा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने सट्टेबाजी ऐप्स के विज्ञापनों को प्रमुखता से दिखाया, जिससे देशभर में लाखों यूजर्स को ये ऐप्स आसानी से दिखाई देने लगे। इन ऐड्स के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को आकर्षित किया गया और कई मामलों में काली कमाई का भी संदेह जताया जा रहा है।

21 जुलाई को होगी पूछताछ

ईडी ने गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों को 21 जुलाई 2025 को पेश होने के लिए कहा है, जहां उनसे इन ऐप्स के प्रमोशन और उससे जुड़े विज्ञापन नीति पर विस्तार से सवाल-जवाब किए जाएंगे। जांच एजेंसी इन कंपनियों की भूमिका, विज्ञापन की मॉनिटरिंग और फंडिंग चैनल की गहराई से जांच कर रही है।

देशभर में चल रही है कार्रवाई

गूगल-मेटा को नोटिस भेजने की कार्रवाई किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। ईडी देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई कर रही है। पिछले हफ्ते मुंबई में की गई छापेमारी में 3 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, कई लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त की गईं। यह छापा अवैध डब्बा ट्रेडिंग और बेटिंग नेटवर्क से जुड़ा था।

तेलंगाना के बड़े फिल्मी सितारे भी रडार पर

इससे पहले ईडी ने तेलंगाना के कई फिल्म सितारों के खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी जांच शुरू की थी। इनमें विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती और प्रकाश राज जैसे सितारों के नाम शामिल हैं। इनपर आरोप है कि उन्होंने सट्टेबाजी ऐप्स का प्रमोशन किया, जिसके बदले में मोटी रकम ली गई।

आगे क्या?

ईडी आने वाले दिनों में गूगल और मेटा के अधिकारियों के बयान दर्ज कर सकती है। इसके अलावा उन शिकायतकर्ताओं की भी तलाश हो रही है जिन्हें इन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स ने आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया। फिलहाल ईडी की कार्रवाई कई शहरों में एक साथ जारी है और यह मामला देश की डिजिटल विज्ञापन नीति और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर एक बड़ी बहस भी छेड़ सकता है।

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