April 30, 2026

‘लड्डू देकर बोला घर चलो…’ 75 साल के बुजुर्ग ने दोस्त की बेटी से किया रेप, 5 माह की प्रेग्नेंट हुई तो खुली पोल

उत्तर प्रदेश के औरेया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। 75 वर्षीय बुजुर्ग बिसंबर दयाल ने अपने ही दोस्त की 14 साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया। यह अमानवीय कृत्य करीब पांच माह पहले हुआ था, लेकिन जब किशोरी के पेट में गर्भ के संकेत दिखने लगे, तब जाकर इस जघन्य अपराध की पोल खुली। पीड़िता की मां ने बेटी की हालत देखते ही पूछताछ की, तो वह फूट-फूटकर रोने लगी और पूरी घटना बता दी। परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वे तुरंत बिधूना कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा। कोतवाली प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने मां की तहरीर पर आईपीसी की धारा 376 और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है, और किशोरी को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

घटना के विवरण से साफ झलकता है कि अपराधी ने अपनी उम्र और दोस्ती का फायदा उठाकर किशोरी को फंसाया। बिसंबर दयाल गांव का रहने वाला एक बुजुर्ग है, जो पीड़िता के पिता का पुराना दोस्त था। उसके घर पर अक्सर आना-जाना रहता था। इतना ही नहीं, जब बिसंबर के घर पर कोई नहीं होता, तो पीड़िता और उसकी बहन उसके लिए खाना बनाकर ले जाती थीं। पिता कहते थे, “खाना दे आओ, बिसंबर के घर पर कोई नहीं है।” इसी विश्वास का खूब फायदा उठाया आरोपी ने। पांच माह पहले एक दिन किशोरी खेत से घर लौट रही थी। रास्ते में बिसंबर का घर पड़ता है। उसने मासूम को प्रसाद के बहाने लड्डू दिए और बोला, “घर चलो, प्रसाद खिला दूं।” भोली-भाली बच्ची उसके साथ चली गई। घर पहुंचते ही आरोपी ने उसे चारपाई पर लिटा दिया और दुष्कर्म कर डाला। कृत्य के बाद उसने किशोरी को कड़ी धमकी दी, “अगर किसी को बताया तो गोली मार दूंगा।” डर के मारे बच्ची ने किसी को कुछ नहीं कहा। महीनों तक यह राज दबा रहा, लेकिन प्रकृति ने सच्चाई उजागर कर दी।

जब मां ने बेटी का पेट फूला हुआ देखा, तो उन्होंने पूछा, “यह क्या है?” किशोरी टूट पड़ी और आंसुओं के साथ पूरी कहानी बता दी। परिवार वाले सदमे में थे। पिता को यह जानकर गहरा आघात लगा कि जिस दोस्त पर वे भरोसा करते थे, वही उनकी बेटी का अपहरण कर चुका। बिधूना थाना प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि आरोपी ने न केवल दुष्कर्म किया, बल्कि पीड़िता को चुप रहने के लिए जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी पुनीत मिश्रा ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है। किशोरी पांच माह की गर्भवती है। हम आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लेंगे। जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।” फिलहाल आरोपी फरार है, लेकिन उसकी तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। गांव में सन्नाटा पसर गया है, लोग इस घटना पर चर्चा कर रहे हैं कि उम्रदराज व्यक्ति कैसे इतना पाशविक हो सकता है।

यह घटना समाज में व्याप्त लिंग आधारित हिंसा और बच्चों के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करती है। ग्रामीण इलाकों में जहां शिक्षा का अभाव है, वहां ऐसी घटनाएं और भी खतरनाक साबित होती हैं। पीड़िता की उम्र महज 14 वर्ष है, जो अभी किशोरावस्था में है। ऐसे में मानसिक और शारीरिक आघात का बोझ उसे जीवन भर ढोना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तत्काल काउंसलिंग और कानूनी सहायता जरूरी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी चुनौतियां बाकी हैं। इस मामले में पुलिस की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन आरोपी को सजा मिलना चाहिए ताकि अन्य अपराधी सबक लें। परिवार ने न्याय की मांग की है, और उम्मीद है कि न्यायपालिका जल्द इस मामले में फैसला लेगी।

औरेया जिले में हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जो ग्रामीण समाज की कड़वी सच्चाई बयान करते हैं। शिक्षा और जागरूकता के अभाव में बच्चियां आसानी से शिकार बन जाती हैं। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या हमारा समाज वाकई सुरक्षित है? पीड़िता के परिवार को अब न केवल कानूनी सहायता, बल्कि सामाजिक समर्थन की भी जरूरत है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। तब तक आरोपी की गिरफ्तारी ही राहत का काम करेगी। यह केस न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि विश्वास के नाम पर अपराध न हो जाए। (कुल शब्द: 612)

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