Donald Trump पर आरोप: पैसे लेकर रोज़ 6 अपराधियों को दे रहे क्षमादान, एक साल में 1800 से अधिक को मिली राहत
Donald Trump के दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद क्षमादान प्रणाली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी संविधान राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वहसंघीय अपराधों में दोषी ठहराए गए व्यक्तियों की सजा कम या माफ कर सकते हैं। हालांकि, हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन इस अधिकार का इस्तेमाल एक अलग ढंग से कर रहा है। आरोप है कि आर्थिक रूप से संपन्न और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर क्षमादान दिए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के एक साल के भीतर ट्रंप ने 1,840 से अधिक लोगों को क्षमादान या सजा में राहत दी है। औसतन हर दिन लगभग 6 अपराधियों को माफी दी जा रही है। आरोप यह भी है कि जिन लोगों को राहत मिली है, उनमें क्रिप्टोकरेंसी कारोबारी, विवादित राजनेता, रियलिटी टीवी से जुड़ी हस्तियां और उनके राजनीतिक समर्थक शामिल हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और सामान्य अपराधियों को इस राहत से बाहर रखा गया है।
जनवरी 2026 में एक भ्रष्ट बैंकिंग मामले से जुड़े व्यक्ति को क्षमादान दिए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उस व्यक्ति के परिवार ने ट्रंप समर्थक राजनीतिक समूह को भारी आर्थिक सहयोग दिया था। इसी तरह अक्टूबर 2025 में क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस के संस्थापक चांगपेंग झाओ को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में राहत मिलने की खबर भी चर्चा में रही। आलोचकों का कहना है कि इन फैसलों से यह संदेश गया है कि आर्थिक ताकत रखने वाले लोगों को विशेष लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा, जेफरी एपस्टीन प्रकरण से जुड़ी ग्लेन मैक्सवेल द्वारा भी क्षमादान की मांग किए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हैं। ट्रंप प्रशासन ने क्षमादान प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जो राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ के अधीन काम कर रही है। इसी टीम की सिफारिशों के आधार पर अंतिम निर्णय लिए जा रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी इतिहास में पहली बार इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर क्षमादान जारी किए गए हैं। जहां समर्थक इसे राष्ट्रपति का संवैधानिक अधिकार बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे सत्ता और धन के प्रभाव से जुड़ा मामला बता रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में और गर्माने की संभावना है।
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