April 20, 2026

बीजेपी के पूर्व सांसद दिलीप घोष का विवादित बयान: महिलाओं को दी धमकी, खड़गपुर में हुआ हंगामा

पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एक सड़क उद्घाटन समारोह के दौरान बीजेपी के पूर्व सांसद दिलीप घोष का विवादित बर्ताव सामने आया है। एक ओर जहां वे नवनिर्मित कंक्रीट सड़क का उद्घाटन करने पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी महिलाओं के विरोध से वह बुरी तरह भड़क उठे। महिलाओं ने उन्हें घेरकर विरोध किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और दिलीप घोष ने न केवल महिलाओं को धमकियां दी, बल्कि आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया।

घोष का विरोध और महिलाओं का सवाल
यह पूरा विवाद खड़गपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 के माठ पाड़ा इलाके का है। दिलीप घोष वहां एक नई सड़क का उद्घाटन करने पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही उनका कार्यक्रम शुरू हुआ, वहां स्थानीय महिलाएं प्रदर्शन करने लगीं। उनका कहना था, “जब आप सांसद थे, तो आपने यहां आकर कोई काम नहीं किया, अब जब हमारे पार्षद ने सड़क का काम पूरा कर दिया है, तो आप उद्घाटन करने क्यों आए हैं?” महिलाएं घोष से यह सवाल पूछ रही थीं, और उनका आरोप था कि उन्होंने क्षेत्र में किसी प्रकार का योगदान नहीं दिया।

घोष ने खोया आपा, दी धमकी
इस सवाल पर दिलीप घोष भड़क गए और महिलाओं से कहा, “यह किसी के बाप का पैसा नहीं है, मैंने सांसद रहते हुए इसके लिए फंड दिया था। जाकर प्रदीप सरकार से पूछिए।” महिलाओं ने जब उन्हें चुनौती दी और सवाल किया कि उनके बाप का नाम क्यों लिया जा रहा है, तो दिलीप घोष का गुस्सा और भी बढ़ गया। उन्होंने कहा, “मैं तुम्हारी चौदह पीढ़ियों को याद दिलाऊंगा।” इसके बाद माहौल और गरम हो गया और प्रदर्शनकारी महिलाओं ने घोष की गाड़ी को घेर लिया। इस पर घोष अपना आपा खो बैठे और चिल्लाते हुए कहा, “इतना चिल्लाओ मत, मैं तुम्हारा गला घोंट दूंगा।”

घोष की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया
घोष के इस बयान के बाद खड़गपुर के पूर्व विधायक और टीएमसी के पार्षद प्रदीप सरकार ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि दिलीप घोष अब सांसद नहीं हैं, तो उन्हें सड़क के उद्घाटन में क्यों शामिल होना चाहिए था। उन्होंने कहा, “यह सड़क नगरपालिका द्वारा बनवायी गई है, तो घोष को इसमें दखल देने का कोई हक नहीं था। उन्होंने वहां जाकर महिलाओं को अपमानित किया और मेरे पिता का भी नाम लिया।” प्रदीप सरकार ने कहा कि उन्हें अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि एक पूर्व सांसद के लिए ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती।

महिला विरोध और राजनीतिक विवाद
यह घटना न केवल दिलीप घोष की छवि पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच राजनीतिक तनाव को भी उजागर करती है। जहां एक ओर घोष ने अपने सांसद रहने के दौरान इस सड़क के निर्माण के लिए फंड दिया होने का दावा किया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और उनके नेताओं के आरोप थे कि घोष ने क्षेत्र के विकास में कोई योगदान नहीं दिया।

यह विवाद इस बात को भी रेखांकित करता है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता और राजनीति के बीच में कितना गहरा संघर्ष जारी है, और यह घटना बीजेपी के लिए एक और चुनौती बन सकती है।

सारांश
दिलीप घोष का यह बयान और उनका व्यवहार न केवल एक सार्वजनिक विवाद का कारण बना, बल्कि उन्होंने एक ऐसे राजनीतिक माहौल में अपना आपा खो दिया, जहां उनका हर शब्द और हर कदम आलोचना का शिकार हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं, खासकर जब उनका सामना महिलाओं के खिलाफ ऐसे विवादास्पद बयानों से होता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!