April 20, 2026

भारत में पहली बार जीन और सेल थेरेपी की शुरुआत, कैंसर और आनुवंशिक बीमारियों का इलाज होगा संभव

भारत में एक नई चिकित्सा क्रांति की शुरुआत हो रही है, जहां वर्टिकली इंटीग्रेटेड सेल और जीन थेरेपी एक ही लैब में विकसित की जाएगी। यह तकनीक भारत में पहली बार जीनोम वैली में शुरू की जा रही है, और इसे भारत बायोटेक ने कोविड के दौरान देसी वैक्सीन बनाने के अनुभव से आगे बढ़ाते हुए स्थापित किया है। इस नई पहल का उद्देश्य जीन और कोशिका उपचार के माध्यम से कई जटिल बीमारियों का इलाज करना है, जिनमें कैंसर, आनुवंशिक विकार और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं।

जीन और कोशिका उपचार के नए युग की शुरुआत
आम भाषा में समझें तो यह नई तकनीक एक नए चिकित्सा युग का आगाज करने जा रही है, जहां जीन और कोशिका आधारित उपचार प्रणाली का प्रयोग कर जीवन रक्षक इलाज प्रदान किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक कई मौजूदा स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी, खासकर उन बीमारियों के इलाज में, जिनका पारंपरिक तरीकों से इलाज मुश्किल है।

कैंसर और आनुवंशिक बीमारियों का इलाज
भारत बायोटेक के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन डॉ. कृष्णा एला ने कहा कि इस नई सुविधा में कैंसर के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा देने पर काम किया जाएगा, साथ ही इम्यून सिस्टम मॉड्यूलेशन और अधिक समय तक सेल के सरवाइवल को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीन थेरेपी और कोशिका उपचार का उपयोग हेमोफिलिया जैसी आनुवंशिक बीमारियों में चिकित्सीय प्रोटीन को सुरक्षित रखने के लिए किया जाएगा।

अत्याधुनिक 50,000 वर्ग फुट का कैम्पस
भारत बायोटेक ने इस तकनीक के लिए 50,000 वर्ग फुट के समर्पित अत्याधुनिक सीजीटी (सेल और जीन थेरेपी) सुविधा का निर्माण किया है। इस सुविधा को वैश्विक स्तर के मानकों के आधार पर डिज़ाइन किया गया है, ताकि जीवन रक्षक उपचारों को दुनिया भर के मरीजों तक पहुंचाया जा सके। यहां हेमेटोलॉजिकल मैलिग्नेंसी और विरासत में मिली रक्त विकारों जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर काम किया जाएगा।

जटिल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के साथ इलाज
डॉ. एला ने बताया कि जीन और सेल थेरेपी आज उपलब्ध सबसे जटिल और वैज्ञानिक रूप से उन्नत उपचारों में से कुछ हैं। इन उपचारों में परिष्कृत प्रक्रियाएं शामिल हैं, जो सटीक आनुवंशिक हेरफेर और विशेष विनिर्माण क्षमताओं की आवश्यकता होती है। भारत बायोटेक ने अपने वायरल वैक्सीन निर्माण में सिद्ध उत्कृष्टता के साथ इन जटिलताओं को पार करते हुए मानव-ग्रेड वैक्टर का उत्पादन करने के लिए आवश्यक पैमाने और स्थिरता को हासिल किया है, जिससे दुर्लभ और जटिल बीमारियों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सके।

इलाज को बनाएंगे सस्ता और सुलभ
भारत बायोटेक के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राचेस एला ने बताया कि भारत का उद्देश्य जीन थेरेपी को लोकतांत्रिक बनाना है। पारंपरिक रूप से जीन थेरेपी बेहद महंगा होता है और यह मुख्य रूप से विकसित देशों और प्रीमियम संस्थानों तक ही सीमित था। लेकिन इस नई सुविधा के तहत, भारत बायोटेक ने इस उपचार को सस्ता और सुलभ बनाने का लक्ष्य रखा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।

डॉ. राचेस एला ने कहा, “हमारी सीजीटी सुविधा उच्च-टिटर वायरल वेक्टर (एएवी, लेंटिवायरस, एडेनोवायरस) का उत्पादन करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो सेल और जीन थेरेपी अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें रक्त कैंसर, ठोस अंग कैंसर और आनुवंशिक विकारों के इलाज के लिए कई प्लेटफ़ॉर्म उत्पादों का निर्माण करने की क्षमता भी है।”

वैश्विक स्वास्थ्य में भारत का योगदान
भारत बायोटेक का यह कदम न केवल भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि यह दुनिया भर में जीन और सेल थेरेपी के उपचारों को सस्ता और अधिक सुलभ बनाने में भी मदद करेगा। इसके माध्यम से भारत, वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा, विशेष रूप से उन बीमारियों के खिलाफ जो अब तक इलाज के मामले में चुनौतीपूर्ण रही हैं।

नए उपचार की दिशा में एक कदम आगे
इस पहल के साथ, भारत बायोटेक ने चिकित्सा विज्ञान में एक नई दिशा दिखाई है। यह तकनीक आने वाले समय में चिकित्सा के क्षेत्र में कई बीमारियों के इलाज के तरीके को बदल सकती है और दुनिया भर के मरीजों को बेहतर उपचार विकल्प प्रदान कर सकती है। अब यह देखना होगा कि इस नई तकनीक के आने से कैंसर और आनुवंशिक बीमारियों के इलाज में कितनी बड़ी सफलता मिलती है।

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