June 9, 2026

दिल्ली विधानसभा में AAP के निष्कासित विधायकों की एंट्री पर रोक, तानाशाही के आरोपों के बीच बढ़े राजनीतिक तनाव

दिल्ली विधानसभा में आज आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक और कड़ा मुकाबला सामने आया। पार्टी के 21 निष्कासित विधायकों को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर विधानसभा परिसर में घुसने से रोक दिया, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया। सिर्फ एक विधायक, अमानतुल्लाह को ही विधानसभा में प्रवेश करने की अनुमति मिली। इस घटनाक्रम ने दिल्ली विधानसभा के इतिहास में एक नया मोड़ लिया, जहां पहली बार चुने हुए विधायकों को विधानसभा परिसर में घुसने से रोका गया।

AAP ने लगाए तानाशाही के आरोप

इस घटना के बाद, आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि बीजेपी ने सरकार में आते ही तानाशाही की हदें पार कर दी हैं। “ऐसा दिल्ली विधानसभा के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि चुने हुए विधायकों को विधानसभा परिसर के अंदर नहीं घुसने दिया गया।” उन्होंने इसे संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी बताया और कहा कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है।

विधायकों के निलंबन का मामला

यह घटनाक्रम उस दिन हुआ जब दिल्ली विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा हुआ था। आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को इस हंगामे के बाद 3 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था। 25 फरवरी को हुई इस घटना के बाद स्पीकर ने यह फैसला लिया था कि निलंबन 28 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान, जब अन्य AAP विधायक विधानसभा में प्रवेश के लिए पहुंचे, उन्हें बैरिकेड्स के जरिए रोक दिया गया।

अमानतुल्लाह को मिली विशेष अनुमति

दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन उपराज्यपाल का अभिभाषण हुआ था, उस दिन आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह विधानसभा में मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्हें निलंबित नहीं किया गया था। आज जब वह विधानसभा पहुंचे, उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई। हालांकि, अन्य AAP विधायकों को प्रवेश नहीं मिला।

आतिशी का बीजेपी पर हमला

पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के नाम के नारे लगाए गए, तो AAP के विधायकों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन जब बीजेपी के विधायकों ने पीएम नरेंद्र मोदी के नारे लगाए, तो उन्हें किसी प्रकार की कोई कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने दिल्ली विधानसभा में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीर की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी को लगता है कि पीएम मोदी, डॉ. अंबेडकर से बड़े हैं?

विधानसभा के बाहर तीखी बहस

विधानसभा के बाहर आप नेता आतिशी की अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी का यह कदम संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला करार दिया और कहा कि इससे दिल्ली विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंची है।

क्या होगा आगे?

दिल्ली विधानसभा में आज के घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी अपने सत्ता के दुरुपयोग का कोई जवाब देगी? साथ ही, आम आदमी पार्टी के विधायकों के लिए आगे क्या रास्ता होगा, यह भी महत्वपूर्ण होगा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह घटनाक्रम आगामी चुनावों पर असर डाल सकता है, और दिल्ली में राजनीतिक संघर्ष और बढ़ सकता है।

आज का दिन दिल्ली विधानसभा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इस घटना के बाद राजनीतिक स्थिति में बदलाव आ सकता है। AAP के विधायकों द्वारा की जा रही आलोचना और बीजेपी के विरोध में उठते सवाल इस मुद्दे को और गंभीर बना सकते हैं।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!