दिल्ली सरकार ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांगला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित फिल्म ‘120 बहादुर’ को राजधानी में टैक्स फ्री घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि यह फिल्म न सिर्फ भारतीय सेना की अदम्य वीरता का प्रतीक है, बल्कि चार्ली कंपनी के 120 जवानों की उस अप्रतिम शौर्य गाथा को सामने लाती है, जिस पर देश को गर्व है। सरकार का यह कदम इन जवानों की कुरबानी को सम्मान देने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
फिल्म में दिखाया गया है कि 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी ने रेजांगला की लड़ाई में कैसे दुश्मनों के खिलाफ अंतिम दम तक मोर्चा संभाला। मेजर शैतान सिंह भाटी की नेतृत्व क्षमता और साहस को इस लड़ाई में हमेशा याद किया जाता है। कहा जाता है कि 120 में से 109 सैनिक शहीद हो गए थे, लेकिन उन्होंने दुश्मनों को कई गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह फिल्म वीरता और बलिदान की सच्ची कहानी है, और इसे टैक्स-फ्री करने का निर्णय दिल्ली के नागरिकों को इस इतिहास से जोड़ने की दिशा में एक प्रयास है।
सरकार के फैसले के बाद दिल्ली में फिल्म के टिकट के दाम पर भी सीधा असर पड़ेगा। पहले 100 रुपये के टिकट पर 5% जीएसटी लागू होता था, जिसके कारण दर्शकों को 105 रुपये चुकाने पड़ते थे। लेकिन अब फिल्म टैक्स फ्री होने के बाद सिर्फ आधा टैक्स यानी लगभग 2.5% लागू होगा। इस हिसाब से दर्शकों को अब लगभग 103 रुपये चुकाने होंगे। यानी फिल्म देखने जाने वालों की जेब पर पहले की तुलना में कम बोझ पड़ेगा, जिससे उम्मीद है कि ज्यादा लोग इस फिल्म को देखने जाएंगे और सैनिकों की इस गाथा के बारे में जान पाएंगे।
फिल्म निर्माता फरहान अख्तर ने भी दिल्ली सरकार के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि यह कदम फिल्म के संदेश को और दूर तक ले जाने में मदद करेगा। उनके अनुसार, यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध कथा नहीं है, बल्कि हर भारतीय के गर्व और भावनाओं से जुड़ी कहानी है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे फिल्म को अधिक व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, दिल्ली में ‘120 बहादुर’ का टैक्स-फ्री होना न सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि भारतीय सैनिकों की ऐतिहासिक बहादुरी को आगामी पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। रेजांगला की लड़ाई भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्ण अध्याय माना जाता है, और इस फिल्म के जरिये एक बार फिर उन शहीदों को राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलि दी जा रही है।
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