दिल्ली में बिहारी युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या, परिजनों ने कहा- ‘गिरोह में शामिल नहीं हुआ, इसलिए मार डाला बेटे को’
बिहार के दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत मझौलिया गांव के रहने वाले 26 वर्षीय गुंजन दास की दिल्ली में बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि दिल्ली के एक कुख्यात लुटेरा गिरोह ‘एमजी ग्रुप’ ने गुंजन को अपने साथ जोड़ने का दबाव बनाया था, लेकिन जब उसने इनकार कर दिया, तो उसकी जान ले ली गई। गुंजन दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और 16 अप्रैल को एक केस की पेशी के लिए 14 अप्रैल को अकेले ही दिल्ली गया था। मगर पेशी से ठीक एक दिन पहले यानी 15 अप्रैल की शाम को पटेलनगर थाना क्षेत्र के सादिकपुर लेटर बॉक्स के पास कुछ हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया और ताबड़तोड़ चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
गुंजन के पिता दिनेश दास ने बताया कि उनका परिवार पिछले 28 वर्षों से दिल्ली में ही रह रहा था, लेकिन कुछ दिनों पहले वे काम के सिलसिले में दरभंगा लौट आए थे। गुंजन भी कुछ समय बाद कोर्ट में पेशी के चलते दिल्ली गया था। पिता का आरोप है कि दिल्ली के एमजी ग्रुप के बदमाशों ने पहले भी उनके बेटे पर हमला किया था। करीब एक साल पहले उन्होंने गुंजन पर फायरिंग की थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इसके बाद भी उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। लेकिन गुंजन ने अपराध के रास्ते पर चलने से इनकार कर दिया।
गुंजन की मां आरती देवी ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा पूरी ईमानदारी से नौकरी करता था और परिवार को आगे बढ़ाने का सपना देख रहा था। लेकिन दिल्ली के बदमाशों ने उसके सारे सपने चंद मिनटों में खत्म कर दिए। उन्होंने बताया कि बेटे के शरीर पर चाकुओं के कई गहरे घाव के निशान थे, जिससे साफ है कि उसकी हत्या बहुत ही बेरहमी से की गई। परिजनों ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और गुंजन के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वारदात के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। गुंजन का शव लेने के लिए उसके परिवार के सदस्य दिल्ली रवाना हो चुके हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने हत्या के मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्यारों की तलाश की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला आपराधिक गिरोह से जुड़ा लग रहा है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है कि गुंजन की हत्या किस वजह से और किन लोगों ने की। परिजनों को अब बस एक ही उम्मीद है कि न्याय मिले और उनके बेटे की हत्या करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
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