दिल्ली: 17 छात्राओं के यौन शोषण के आरोपी ‘बाबा चैतन्यानंद’ गिरफ्तार, फर्जी पासपोर्ट और आईडी से चला रहा था धोखाधड़ी का जाल
दिल्ली के वसंत कुंज में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और आगरा के एक होटल से पकड़ा गया। आरोपी पर 17 छात्राओं के साथ यौन शोषण करने का आरोप है। अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बाबा के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड, तीन मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट मिले हैं। इनमें से एक विजिटिंग कार्ड पर उसने खुद को संयुक्त राष्ट्र (UN) का “परमानेंट एंबेसडर” बताया, जबकि दूसरे पर ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का “स्पेशल इन्वॉय” लिखा हुआ था। जांच में दोनों ही आईडी कार्ड फर्जी पाए गए। पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान बाबा वृंदावन, आगरा और मथुरा के बीच घूमता रहा और 15 से अधिक बार होटल बदले।
जांच में खुलासा हुआ कि चैतन्यानंद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए — एक “स्वामी पार्थ सारथी” और दूसरा “स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती” नाम से। दोनों पासपोर्ट में माता-पिता और जन्मस्थान की जानकारी भी अलग-अलग दी गई थी। यही नहीं, उसने दो बैंक अकाउंट भी अलग-अलग नामों से खुलवा रखे थे। पुलिस के मुताबिक, 1998 में दिल्ली एलजी द्वारा आवंटित शारदा पीठ की जमीन पर चैतन्यानंद ने अधिकार से अधिक कब्जा कर 40 करोड़ रुपये का घोटाला किया और संस्थान का नाम भी बदल दिया।
लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा, यूपी और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की और अंततः आगरा से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब बाबा की फर्जी पहचान और घोटाले के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
Share this content:
