केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के असली संकटों से अनजान है और इसमें युवाओं, किसानों और अर्थव्यवस्था की जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया बजट पेश होने के तुरंत बाद सामने आई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, लेकिन बजट में नौकरी सृजन को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता। उन्होंने दावा किया कि विनिर्माण क्षेत्र कमजोर हो रहा है, निवेशक देश से पूंजी निकाल रहे हैं और घरेलू बचत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उनके मुताबिक, सरकार ने इन गंभीर मुद्दों पर आंख मूंद ली है।
कांग्रेस नेता ने किसानों की स्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि देश का अन्नदाता गहरे संकट में है, लेकिन बजट में उसकी परेशानियों का समाधान नहीं दिखता। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक झटकों की आशंका है, इसके बावजूद सरकार ने दूरदर्शी तैयारी नहीं की। राहुल गांधी ने बजट को ऐसा दस्तावेज बताया, जो वास्तविक समस्याओं को दुरुस्त करने के बजाय उनसे मुंह मोड़ता नजर आता है।
दूसरी ओर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। उन्होंने पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की, जो चालू वित्त वर्ष में 11.2 लाख करोड़ रुपये था। सरकार का दावा है कि इससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में तीन ‘कर्तव्यों’ का उल्लेख किया और कहा कि इनसे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, साथ ही गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों को सशक्त किया जाएगा। यह बजट इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह नए संसद भवन में पेश किया गया पहला बजट है और निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बनी हैं।
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