दिल्ली सर्राफा बाजार और देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में चांदी की कीमतों में हाल ही में आई तेज गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। गुरुवार को चांदी ने 4.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड छुआ था, लेकिन फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बदलाव न करने की घोषणा के बाद चांदी की कीमतें अचानक धड़ाम हो गईं। शुक्रवार को चांदी 2,91,925 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, यानी रिकॉर्ड हाई से 1.28 लाख रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह लगभग 15 साल में चांदी की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल फेड की नीति ही गिरावट का कारण नहीं है। गोल्ड-सिल्वर रेश्यो में उछाल और एक्सचेंज द्वारा मार्जिन में वृद्धि ने भी निवेशकों की मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया। 26 जनवरी को यह रेश्यो 43 के स्तर पर था, लेकिन 30 जनवरी को यह 60 को पार कर गया। जैसे ही यह रेश्यो बढ़ा, चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिली। वेल्ड मैनेजमेंट के डायरेक्टर अनुज गुप्ता का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह गिरावट जारी रह सकती है और चांदी के दाम 2.50 लाख रुपए या उससे भी नीचे आ सकते हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से किसी नए टैरिफ की घोषणा न होना और वेनेजुएला के ऑयल को मार्केट में लाने की तैयारी ने निवेशकों के ‘सेफ हैवन’ से मोहभंग की संभावना बढ़ा दी है। इसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड-सिल्वर रेश्यो आने वाले समय में 70 के स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे चांदी की कीमतों पर और दबाव बनेगा।
डॉलर इंडेक्स में भी तेजी का असर चांदी पर पड़ा है। शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स में करीब 1% की तेजी देखी गई, जिससे यह 97 के स्तर से ऊपर चला गया। अगले कुछ दिनों में डॉलर इंडेक्स 98-99 के स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे चांदी की कीमतों में और गिरावट संभव है। फेड की नीति में बदलाव न होना भी यील्ड बढ़ाने और चांदी की कीमतों में कटौती को समर्थन देने वाला कारक बना है।
अंततः, देश के वायदा बाजार में चांदी के दाम शुक्रवार को रिकॉर्ड 1.28 लाख रुपए तक टूटकर बंद हुए। गुरुवार को चांदी 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी, जबकि शुक्रवार को यह 2,91,925 रुपए पर आ गई। निवेशकों को आने वाले दिनों में और गिरावट की तैयारी करनी होगी क्योंकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी के दाम अभी और नीचे जा सकते हैं।
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