इंग्लैंड में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, दीप्ति शर्मा बनीं रिकॉर्ड ब्रेकर, पहली बार T20I सीरीज़ पर कब्ज़ा
एजबेस्टन के मैदान पर, जहां पहले कभी जीत का स्वाद नसीब नहीं हुआ था, वही मैदान गवाह बना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत का। 2006 के बाद पहली बार, और T20I क्रिकेट में पहली बार, भारत ने इंग्लैंड में कोई सीरीज़ जीती है। सिर्फ इतना ही नहीं, भारत ने पांच मैचों की सीरीज़ में 3-1 की अजेय बढ़त बनाते हुए न केवल इतिहास रचा, बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट फैंस को चौंका दिया।
इस शानदार जीत की सबसे चमकदार सितारा बनीं ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, जिन्होंने इस सीरीज़ में 7 विकेट चटकाकर वो कर दिखाया जो आज तक किसी भारतीय महिला खिलाड़ी ने नहीं किया था। 128 मैचों में 145 विकेट के साथ दीप्ति अब T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली दूसरी गेंदबाज़ बन गई हैं। उन्होंने पाकिस्तान की निदा डार (144 विकेट) को पीछे छोड़ा, और अब उनसे आगे केवल ऑस्ट्रेलिया की मेगन शुट्ट (151 विकेट) हैं।
मैच की कहानी भी उतनी ही रोमांचक रही, जितनी यह उपलब्धि। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 126 रन बनाए। भारत की ओर से गेंदबाज़ों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया – एन. चारिणी और राधा यादव को 2-2 विकेट, दीप्ति और अमनजोत को 1-1 विकेट मिला। इंग्लैंड की बैटिंग क्रम दबाव में लगातार लड़खड़ाती रही।
जब भारत की पारी शुरू हुई, तो शेफाली वर्मा (31 रन) और स्मृति मंधाना (32 रन) ने तेज़ शुरुआत दी – महज़ 42 गेंदों में 56 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप ने मैच की दिशा तय कर दी। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स (नाबाद 24) और ऋचा घोष (नाबाद 7) ने मिलकर 17वें ओवर में ही टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 19 साल बाद वो कर दिखाया जो अब तक सिर्फ सपना रहा था – इंग्लैंड में T20I सीरीज़ जीतना। यह सिर्फ एक जीत नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है बाकी टीमों के लिए कि भारतीय महिला टीम अब सिर्फ प्रतिस्पर्धा करने नहीं आती, वर्चस्व जमाने आती है।
अब सबकी नजरें हैं 12 जुलाई को बर्मिंघम में होने वाले आखिरी और पांचवें मुकाबले पर, जहां भारत चाहेगा कि सीरीज़ को 4-1 से खत्म कर, इंग्लैंड में अपना राज और पुख्ता करे।
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