थाने से सिर्फ 100 मीटर दूर चल रही थी असलहा फैक्टरी, सलाउद्दीन हिरासत में; पांच घंटे चला छापा, बड़ी संख्या में हथियार बरामद
लखनऊ के मलिहाबाद इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मिर्जागंज गांव में एक अवैध असलहा फैक्टरी थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर चल रही थी। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जब छापा मारा, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस की कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली, जिसमें भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और असलहे बनाने के उपकरण बरामद किए गए।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान घर के मालिक हकीम सलाउद्दीन को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती पूछताछ में सलाउद्दीन असलहों की मौजूदगी को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बताया जा रहा है कि वह इलाके में वर्षों से एक दवाखाना चलाता था, जिससे उसकी सामाजिक छवि सामान्य मानी जाती थी। लेकिन अब उसके खिलाफ हथियारों की अवैध सप्लाई को लेकर गंभीर संदेह जताया जा रहा है।
एडीसीपी नॉर्थ जितेंद्र दुबे के अनुसार, शाम करीब 6 बजे सूचना मिलने के बाद मलिहाबाद और रहीमाबाद थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने एसीपी की अगुवाई में कार्रवाई शुरू की। जब पुलिस मौके पर पहुंची, उस वक्त सलाउद्दीन के घर में उसकी पत्नी और बेटी भी मौजूद थीं। तलाशी के दौरान ओवैश नाम का एक अन्य युवक भी मौके पर मिला, जिसे हिरासत में लिया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सलाउद्दीन की एक बेटी नार्वे में पढ़ाई कर रही है जबकि दूसरी स्थानीय इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में छात्रा है। कुछ महीने पहले उसके परिवार के तीन सदस्यों की हत्या हो चुकी है, जिसके बाद से वह लोगों की नजरों से थोड़ा दूर रहने लगा था। बावजूद इसके किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि उसके घर में एक असलहा फैक्टरी संचालित हो रही है।
फिलहाल पुलिस ने कुछ अन्य संदिग्धों को भी पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो सलाउद्दीन के संपर्क विदेशी असलहों के नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। पूरे मामले की जांच गहनता से की जा रही है और बरामद हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
थाने के इतने पास अवैध असलहा निर्माण की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक तंत्र की गंभीर चूक की ओर इशारा किया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में कुछ और स्थानीय लोग या अधिकारी भी शामिल हैं।
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