उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां भांजी के घर आए एक अधेड़ उम्र के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने पहले युवक का गला काटकर सिर धड़ से अलग किया और फिर शव को करीब 150 मीटर तक घसीटते हुए नईया नाले में फेंक दिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी मृतक का सिर अपने साथ ले गए, जिससे अब तक उसका पता नहीं चल सका है।
यह घटना जायस थाना क्षेत्र के मुखेतिया गांव के पास बांदा–टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग से कुछ दूरी पर स्थित नईया नाले की बताई जा रही है। गुरुवार सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने जब नाले में सिर कटा शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे, वहीं क्षेत्राधिकारी दिनेश कुमार मिश्र और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने शव की पहचान उसकी जेब से मिले आधार कार्ड के जरिए की। मृतक की पहचान 50 वर्षीय विजय पुत्र बेनी माधव के रूप में हुई, जो प्रतापगढ़ जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के धर्मशाला चौक का निवासी था। पहचान की सूचना मिलते ही मृतक की भांजी अलका मौके पर पहुंची और शव को अपने मामा का बताया। अलका ने पुलिस को बताया कि विजय बुधवार दोपहर उनके घर आए थे और रात करीब साढ़े दस बजे एक फोन आने के बाद देवा शरीफ की दरगाह जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अर्पणा रजत कौशिक भी मौके पर पहुंचीं और मामले के जल्द खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस ने बिना सिर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। साथ ही मृतक के कटे हुए सिर की भी लगातार तलाश की जा रही है। घटनास्थल से नाले तक खून के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि शव को सबूत मिटाने के इरादे से घसीटा गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक झाड़-फूंक का काम करता था, इस एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। इस जघन्य हत्या के बाद पूरे इलाके में दहशत और परिवार में कोहराम का माहौल है।
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