May 1, 2026

कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिए मांगा नोबेल शांति पुरस्कार, BJP का पलटवार—‘99 बार चुनाव हारने के बाद मिलेगा सम्मान’

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राहुल गांधी की तुलना वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से करते हुए कहा कि वे भी लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस पर बीजेपी ने तीखा तंज कसते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा।


वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलने के बाद भारत में इस सम्मान को लेकर नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने मचाडो और राहुल गांधी की तुलना करते हुए कहा कि राहुल गांधी भी भारत में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए उन्हें भी यह सम्मान मिलना चाहिए।

सुरेंद्र राजपूत ने सोशल मीडिया पर मचाडो और राहुल गांधी की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “इस बार शांति का नोबेल पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्ष की नेता को संविधान की रक्षा के लिए मिला है। भारत के विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी देश के संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।” राजपूत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।

बीजेपी ने कांग्रेस के इस बयान पर कड़ा पलटवार किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस राहुल बाबा के लिए नोबेल पुरस्कार मांग रही है, उन्हें यह पुरस्कार जरूर मिलना चाहिए — लेकिन 99 बार चुनाव हारने के बाद।” उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई पुरस्कार दिया ही जाना है, तो “पाखंड, झूठ, और 1975 व 1984 में लोकतंत्र की हत्या के लिए कांग्रेस को मिलना चाहिए।”

कांग्रेस की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी सरकार पर लगातार तानाशाही रवैये का आरोप लगा रहे हैं। राहुल गांधी कई बार कह चुके हैं कि मौजूदा एनडीए सरकार लोकतंत्र की मूल भावना को खत्म कर रही है। उन्होंने हाल ही में अपने भाषणों में वोट चोरी, ईवीएम में गड़बड़ी, मतदाता सूची से नाम हटाने और पिछड़े वर्गों के अधिकारों में कटौती जैसे मुद्दों को उठाया था। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं, इसलिए वे सम्मान के हकदार हैं।

वहीं, बीजेपी का तर्क है कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और अब ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसे बेतुके बयान दे रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी को पहले जनता के बीच भरोसा जीतना चाहिए, उसके बाद ही किसी पुरस्कार की बात करनी चाहिए।

कुल मिलाकर, नोबेल पुरस्कार की इस बहस ने भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां कांग्रेस राहुल गांधी को लोकतंत्र का रक्षक बताने में लगी है, वहीं बीजेपी इसे ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार दे रही है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच तीखी बहस जारी है।

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