April 17, 2026

कोलंबो: वरुण चक्रवर्ती का पाकिस्तान से हिसाब चुकता करने का मौका, 151वीं रैंक से नंबर-1 गेंदबाज बनने तक का सफर चर्चा में

टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंच ICC Men’s T20 World Cup 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा हाई-वोल्टेज माना जाता है, लेकिन इस बार यह मैच टीम इंडिया के स्टार मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के लिए खास महत्व रखता है। 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले इस मुकाबले में उनकी नजर सिर्फ टीम की जीत पर ही नहीं, बल्कि चार साल पहले के खराब प्रदर्शन की कसक मिटाने पर भी होगी। 2021 टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू मैच में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके थे, जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भी खतरे में पड़ गया था।

उस समय वरुण चक्रवर्ती आईसीसी टी20I रैंकिंग में 151वें स्थान पर थे और टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे थे। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से बाहर कर दिया गया और वह लगभग तीन साल तक टीम से दूर रहे। हालांकि इस कठिन दौर में उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट व आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से अपनी ओर खींचा। साल 2024 में उन्होंने दमदार वापसी की और तब से भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में गिने जाने लगे।

वापसी के बाद वरुण चक्रवर्ती ने अपनी गेंदबाजी में जबरदस्त सुधार दिखाया है। उनकी रहस्यमयी स्पिन और खासकर घातक ‘गुगली’ बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से उन्होंने फुल मेंबर टीमों के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 61 विकेट हासिल किए हैं। उनकी इकोनॉमी रेट भी 7.30 के आसपास रही है, जो इस फॉर्मेट में बेहद प्रभावशाली मानी जाती है। खास बात यह है कि उनके अधिकांश विकेट बीच के ओवरों में आए हैं, जहां मैच का रुख बदलने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है।

इसके अलावा उनकी गेंदबाजी का सबसे मजबूत हथियार उनकी गुगली मानी जा रही है। 2024 के बाद से उनके 61 विकेट में से 48 विकेट इसी गेंद पर आए हैं, जिससे विरोधी बल्लेबाजों को उन्हें पढ़ने में काफी मुश्किल होती है। यही वजह है कि इस बार पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजों के सामने बड़ी चुनौती रहने वाली है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वरुण अपनी लय बरकरार रखते हैं तो वह मैच का रुख अकेले दम पर बदल सकते हैं।

भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा दबाव और भावनाओं से भरा होता है, लेकिन इस बार वरुण चक्रवर्ती की व्यक्तिगत कहानी ने इस मैच को और भी रोमांचक बना दिया है। 151वीं रैंकिंग से दुनिया के नंबर-1 टी20 गेंदबाज बनने तक का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और वापसी की मिसाल माना जा रहा है। ऐसे में सभी की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हैं कि क्या वरुण चक्रवर्ती चार साल पुरानी निराशा को पीछे छोड़ते हुए पाकिस्तान के खिलाफ यादगार प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं।

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