भारत ने कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया
भारत ने कोयला उत्पादन में ऐतिहासिक 1 बिलियन टन का आंकड़ा पार किया है, जो ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। उनका कहना था कि यह मील का पत्थर न केवल ऊर्जा क्षेत्र में देश की प्रगति को साबित करता है, बल्कि यह समर्पण और कड़ी मेहनत का भी प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा, “1 बिलियन टन कोयला उत्पादन का यह अद्वितीय आंकड़ा ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारे प्रयासों का परिणाम है। यह हमारे देश की सफलता की कहानी है और देशवासियों की मेहनत का फल है।”
कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी इस अवसर पर कहा कि भारत ने आधुनिक तकनीकों और कुशल खनन विधियों का उपयोग कर न केवल उत्पादन में वृद्धि की है, बल्कि टिकाऊ और जिम्मेदार खनन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस उपलब्धि के माध्यम से भारत अपनी बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करेगा और देश के आर्थिक विकास में और गति मिलेगी।
रेड्डी ने ट्वीट कर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। हमारे समर्पित कार्यबल के प्रयासों के कारण ही यह संभव हो पाया है।”
भारत ने 2024 में 988.32 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 918.02 मिलियन टन था, जो लगभग 7.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि न केवल भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम है।
इस ऐतिहासिक सफलता ने देश के ऊर्जा क्षेत्र के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है, और यह भारत की वैश्विक ऊर्जा शक्ति बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
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