April 20, 2026

सीएम नायडू का विवादित बयान: तिरुपति मंदिर में केवल हिंदुओं को काम

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जो चर्चाओं का विषय बन गया है। सीएम नायडू ने कहा कि तिरुपति-तिरुमाला देवस्थानम में केवल हिंदू धर्म के अनुयायियों को ही काम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर मंदिर में अन्य धर्मों के लोग काम कर रहे हैं, तो उनके सम्मान को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया जाना चाहिए।

तिरुपति मंदिर में पूजा के बाद दिया बयान

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तिरुपति मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने मंदिर के संचालन और कर्मचारियों के बारे में यह बयान दिया। इस बयान में उन्होंने न सिर्फ मंदिर के कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान दिलाया, बल्कि राज्य के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक पहलुओं पर भी बात की।

वेंकटेश्वर स्वामी के मंदिरों का विस्तार

इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने यह भी घोषणा की कि देश के सभी प्रमुख राज्यों की राजधानियों में वेंकटेश्वर स्वामी के मंदिर बनाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिक भी मंदिरों की स्थापना की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि भगवान वेंकटेश्वर की पवित्र संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक विशेष धागा बांधा गया है, जो मंदिर की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।

मुमताज होटल योजना को रद्द किया

सीएम ने इस अवसर पर पूर्व सरकार की मुमताज होटल योजना को भी रद्द करने का ऐलान किया। नायडू सरकार ने मंदिर की सात पहाड़ियों के आसपास किसी भी व्यवसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं देने का फैसला लिया है। पिछली सरकार ने मंदिर की पहाड़ी के आसपास 35.32 एकड़ भूमि पर मुमताज होटल बनाने की योजना को मंजूरी दी थी, जिसे अब नायडू सरकार ने रद्द कर दिया है।

मंदिर के आसपास के इलाकों में सख्त नियम

सीएम नायडू ने स्पष्ट किया कि मंदिर के आसपास के इलाकों में किसी भी प्रकार की निजी व्यवसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यहां की सेवाएं मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक भावना के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, तो सरकार उस पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

गैर-हिंदू कर्मचारियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का आदेश

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर किसी कारणवश तिरुपति मंदिर में गैर-हिंदू समुदाय के लोग काम कर रहे हैं, तो उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें दूसरी जगह पर काम करने के लिए शिफ्ट किया जाएगा। उनका कहना था कि इस कदम से मंदिर की धार्मिक मर्यादा बनाए रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की धार्मिक असंवेदनशीलता से बचा जा सकेगा।

राज्य में धार्मिक भावनाओं का सम्मान

सीएम नायडू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर समाज में विविधताएं और असहमति देखने को मिलती हैं। नायडू ने अपने बयान के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन तिरुपति मंदिर की धार्मिक भावना और परंपराओं का पालन होना चाहिए।

इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि मुख्यमंत्री धार्मिक स्थलों के महत्व और उनकी मर्यादा को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाएंगे। यह कदम राज्य में धार्मिक स्थलों के संचालन को लेकर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है और यह देखना होगा कि इसके प्रभाव और प्रतिक्रिया क्या होती है।

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