April 20, 2026

CBI ने पावर ग्रिड और निजी कंपनी के कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, जांच जारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) के सीनियर जनरल मैनेजर और मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर को 2.4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ये रिश्वत पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन द्वारा निजी कंपनी को सौंपे गए अनुबंधों से संबंधित बिलों को पारित करने में अनुचित लाभ देने के लिए दी गई थी।

इस मामले में CBI ने 19 मार्च 2025 को केस दर्ज किया था, जिसमें कुल 6 आरोपी शामिल हैं – PGCIL के सीनियर जनरल मैनेजर, मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर और कंपनी के चार अन्य प्रतिनिधि। सभी आरोपियों पर यह आरोप है कि पब्लिक सर्वेंट (PGCIL के सीनियर जनरल मैनेजर) ने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कंपनी के अनुबंधों से संबंधित बिलों को पारित करने में सुविधा दी और इसके बदले अवैध रूप से रिश्वत हासिल की।

रंगे हाथ पकड़ा गया सीनियर जनरल मैनेजर

सीबीआई को इस मामले की भनक तब लगी जब उसने एक जाल बिछाकर 19 मार्च को पावर ग्रिड के सीनियर जनरल मैनेजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह रिश्वत की रकम आरोपियों द्वारा एक तय स्थान पर दी गई थी। CBI ने आरोपियों के सीकर, जयपुर और मोहाली स्थित आवासीय और कार्यालय परिसरों में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।

जांच जारी, और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं

मामले की जांच अब भी जारी है और CBI इस बात की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। CBI का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाता है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

FIR दर्ज, कार्रवाई तेज

CBI ने इस मामले में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सीनियर जनरल मैनेजर उदय कुमार, केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर सुमन सिंह के अलावा इस कंपनी के चार अन्य कर्मचारियों – जबराज सिंह, अतुल अग्रवाल, और आश्तोष कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके अलावा, मामले में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी जांच चल रही है।

जांच एजेंसी इस मामले में व्यापक स्तर पर कार्यवाही कर रही है, जिससे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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