प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने प्रदेश के प्रख्यात कलाकारों और साहित्यकारों से भी संवाद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के दौरे पर हैं। इस मौके पर उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को समर्पित कई कार्यक्रमों में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया, जो प्रदेश के जनजातीय नायकों के बलिदान और योगदान की याद में बनाया गया है। इस संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज की भूमिका को प्रदर्शित किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा ले सकें।
अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी ने लगभग 14,260 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री ने “दिल की बात” पहल के तहत सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में ‘जीवन का उपहार’ कार्यक्रम के लाभार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने उन लगभग 2,500 बच्चों से बातचीत की, जिनका जन्मजात हृदय रोग का इलाज सफलतापूर्वक इसी अस्पताल में हुआ है। इसके बाद उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संगठन के “शांति शिखर” केंद्र का उद्घाटन किया, जो आध्यात्मिक शिक्षा और ध्यान का एक आधुनिक केंद्र है।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि “प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह प्रदेश आज प्रगति के नित नए मानदंड गढ़ने में जुटा है। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे यहां के इलाके आज विकास की प्रतिस्पर्धा में हैं। मुझे भरोसा है कि यहां के मेहनती और हुनरमंद लोगों की लगन और उद्यम से यह राज्य विकसित भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के दो महान कलाकारों और रचनाकारों से भी बातचीत की। उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के परिवार से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके कला योगदान को नमन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार और पद्म भूषण सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल से भी बातचीत की। उन्होंने उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल पूछा और भारतीय साहित्य में उनके योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री की यह पहल न केवल राज्य के विकास कार्यों को रेखांकित करती है बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और कला परंपरा के प्रति उनके गहरे सम्मान को भी दर्शाती है। राज्य के कलाकारों और रचनाकारों से उनका संवाद इस बात का प्रतीक है कि केंद्र सरकार सांस्कृतिक धरोहरों और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक अहम आधार मानती है। इस तरह, छत्तीसगढ़ का 25वां स्थापना दिवस विकास, संस्कृति और संवेदना — तीनों का संगम बन गया।
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