महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति की तस्वीर बदल दी है। सबसे ज्यादा चर्चा बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को लेकर रही, जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के साथ मिलकर बहुमत हासिल किया। करीब तीन दशक से मुंबई की सत्ता पर काबिज ठाकरे परिवार का वर्चस्व इस चुनाव में टूट गया। 227 वार्डों वाली बीएमसी में बीजेपी 88 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना (शिंदे) को 28 सीटें मिलीं। विपक्षी शिवसेना (उद्धव ठाकरे) 65 सीटों पर सिमट गई और कांग्रेस को 24 सीटों से संतोष करना पड़ा।
पूरे राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। 29 में से 25 नगर निगमों में गठबंधन ने जीत दर्ज की। कुल 2868 सीटों में से बीजेपी ने 1400 से ज्यादा सीटें अपने नाम कीं, जबकि सहयोगी शिवसेना को लगभग 397 सीटें मिलीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के क्षेत्र नागपुर में भी बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला, जहां 151 में से 102 सीटें बीजेपी के खाते में गईं। पुणे और पिंपरी-चिंचवड जैसे शरद पवार के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में भी बीजेपी ने जीत दर्ज कर विपक्ष की रणनीति को कमजोर कर दिया।
कांग्रेस को राज्य स्तर पर भले ही झटका लगा हो, लेकिन कुछ नगर निगमों में उसने प्रभावी प्रदर्शन किया। लातूर नगर निगम में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके अलावा कोल्हापुर, चंद्रपुर और भिवंडी-निजामपुर जैसे क्षेत्रों में भी कांग्रेस ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और कई जगह बीजेपी को कड़ी चुनौती दी।
निकाय चुनावों में AIMIM का प्रदर्शन भी खासा चर्चा में रहा। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने राज्यभर में 114 सीटें जीतकर शहरी मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत की। छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM ने सबसे अधिक 33 सीटें हासिल कीं, जबकि मालेगांव, अमरावती, नांदेड़ और धुले जैसे शहरों में भी पार्टी को अच्छी सफलता मिली। बीएमसी में AIMIM के खाते में 8 सीटें आईं, जिससे पार्टी का शहरी राजनीति में प्रभाव बढ़ता दिखा।
कुल मिलाकर महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026 ने साफ कर दिया है कि शहरी क्षेत्रों में बीजेपी सबसे मजबूत राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है। कांग्रेस को कुछ चुनिंदा इलाकों में सफलता जरूर मिली, लेकिन राज्यव्यापी स्तर पर उसका प्रभाव सीमित रहा। वहीं AIMIM ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में वह शहरी राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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