गन्ना किसानों को मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत, चीनी सीजन 2025-26 के लिए तय किया गया नया एफआरपी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 355 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो कि मौजूदा सीजन 2024-25 के लिए तय 340 रुपये प्रति क्विंटल से 15 रुपये अधिक है। यह नई एफआरपी 10.25 प्रतिशत चीनी रिकवरी दर पर आधारित है और यह बेंचमार्क मूल्य होगा, जिसके नीचे चीनी मिलें गन्ना नहीं खरीद सकेंगी। रिकवरी दर में 0.10 प्रतिशत ऊपर या नीचे होने पर एफआरपी में उसी अनुपात में समायोजन किया जाएगा।
वैष्णव ने बताया कि यह मूल्य, गन्ना उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत 173 रुपये प्रति क्विंटल से लगभग दोगुना है और यह लागत से 105 प्रतिशत अधिक है। इससे गन्ना किसानों की आय में सीधा लाभ होगा। सरकार ने चीनी सीजन 2023-24 के दौरान गन्ना किसानों को 1,11,701 करोड़ रुपये भुगतान का प्रावधान किया है, जबकि इस सीजन में गन्ने की कुल पैदावार 3190 लाख मीट्रिक टन और चीनी उत्पादन 320 लाख मीट्रिक टन रहा।
गौरतलब है कि गन्ना किसानों द्वारा लंबे समय से ईंधन की कीमतों, श्रम लागत और चीनी मिलों से भुगतान में देरी जैसे मुद्दों को लेकर एफआरपी में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी। एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है, जिसे केंद्र सरकार गन्ना किसानों को उचित मुआवजे के रूप में सुनिश्चित करने के लिए तय करती है, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके और गन्ने की खेती लाभकारी बनी रहे।
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