May 5, 2026

हर भारतीय को रिटायरमेंट के लिए चाहिए ₹3.5 करोड़, HSBC की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

भारत में रिटायरमेंट को लेकर लोगों की चिंता अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। HSBC की ताजा रिपोर्ट “Affluent Investors Snapshot 2025” के मुताबिक, एक भारतीय को रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन के लिए औसतन 3.5 करोड़ रुपये यानी लगभग 4 लाख अमेरिकी डॉलर की जरूरत होगी। यह आंकड़ा भारतीयों के रिटायरमेंट प्लानिंग की गंभीरता और भविष्य की आर्थिक तैयारियों को दर्शाता है।

 

रिपोर्ट बताती है कि पहले जहां लोग घूमने-फिरने, घर खरीदने या बच्चों की पढ़ाई जैसे अल्पकालिक लक्ष्यों को प्राथमिकता देते थे, अब धीरे-धीरे वे लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा को भी गंभीरता से लेने लगे हैं। निवेशकों का रुझान शेयर, सोना और मैनेज्ड फंड्स की ओर बढ़ा है। खास बात यह है कि पिछले एक साल में सोने में निवेश सबसे तेज़ी से बढ़ा है, जबकि नकद धनराशि की हिस्सेदारी घटकर 15% पर आ गई है।

 

HSBC का कहना है कि भारतीय निवेशक अब महंगाई, बढ़ती उम्र और मेडिकल खर्च जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए अपनी रिटायरमेंट योजना पर पहले से ही काम शुरू कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जो लोग 30 की उम्र से पहले रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर देते हैं, वे न सिर्फ ज्यादा आत्मविश्वासी रहते हैं बल्कि भविष्य में वित्तीय रूप से ज्यादा सुरक्षित भी होते हैं।

 

ग्लोबल तुलना करें तो रिटायरमेंट फंड की आवश्यकता देश-दर-देश अलग-अलग है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में औसतन $1.57 मिलियन, सिंगापुर में $1.39 मिलियन, हांगकांग में $1.1 मिलियन और चीन में करीब $1.09 मिलियन की बचत के बाद ही लोग अपने रिटायरमेंट को सुरक्षित मानते हैं। भारत में यह राशि ₹3.5 करोड़ आंकी गई है, जो तेजी से बढ़ती लागत को देखते हुए आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है।

 

इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि रिटायरमेंट की तैयारी अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है। ऐसे में अगर आपने अभी तक इसकी योजना नहीं बनाई है, तो 30 की उम्र तक इसका खाका तैयार कर लेना बेहद जरूरी हो गया है। समय रहते की गई प्लानिंग ही भविष्य में सुकून दे सकती है।

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