बजट 2025: क्या महंगाई से मिलेगी राहत? आर्थिक सर्वेक्षण में क्या रहेगा खास?

आम बजट 2025 से पहले संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना आठवां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बजट से देश के आम नागरिकों, खासकर नौकरीपेशा वर्ग को कई उम्मीदें हैं। सरकार की ओर से महंगाई से राहत देने, अर्थव्यवस्था में सुस्ती को दूर करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कुछ बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।

बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ हुई। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करेंगी। यह रिपोर्ट पिछले वित्तीय वर्ष की आर्थिक गतिविधियों का ब्योरा देने के साथ-साथ आगामी वित्त वर्ष की दिशा तय करने का संकेत देगी।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार इस आर्थिक सर्वेक्षण में देश की अर्थव्यवस्था की प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला जाएगा। रिपोर्ट में रुपये की गिरती विनिमय दर, जीडीपी वृद्धि दर, खपत में कमी और बाजार की सुस्ती जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र से पहले अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा, “यह मेरे तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है। मुझे विश्वास है कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बजट देश के मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए नई ऊर्जा और आशा लेकर आएगा।

सरकार इस बजट में खपत बढ़ाने, घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने वाली है। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप्स और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं।

हालांकि, बजट सत्र के हंगामेदार रहने की आशंका जताई जा रही है। विपक्षी दलों ने प्रयाग में महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर सरकार से चर्चा की मांग की है। सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि सरकार ने इसे राज्य का विषय बताते हुए कहा कि वह इस मामले पर नजर बनाए हुए है।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “हर सत्र के लिए कुछ लोग शरारत के लिए तैयार रहते हैं। विदेश से कोई चिंगारी नहीं आई, हमारे देश में ही चिंगारी को हवा देने वालों की कमी नहीं है।”

बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे, जिनमें—

वक्फ (संशोधन) बिल

मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक

विमान वस्तुओं में हितों का संरक्षण विधेयक

त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक

आव्रजन और विदेशी विधेयक

बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा, जबकि दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा।

अब सभी की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हैं। देखना होगा कि वित्त मंत्री सीतारमण इस बार क्या बड़े ऐलान करती हैं और क्या जनता की उम्मीदें पूरी हो पाएंगी?

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