बजट 2025: आयकर स्लैब में बड़ा बदलाव, वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलेगा टैक्स राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 के बजट में करदाताओं को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट देने की घोषणा के साथ ही वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती की सीमा भी बढ़ा दी गई है, जिससे अब उन्हें अतिरिक्त टैक्स राहत मिल सकेगी। इस परिवर्तन से लाखों करदाताओं को भारी लाभ होने की उम्मीद है, लेकिन यह बदलाव कब से लागू होगा और इससे आपके टैक्स रिटर्न पर क्या असर पड़ेगा, यह जानना बेहद महत्वपूर्ण है।
क्या होगा नया?
वित्त मंत्री ने बजट 2025 में घोषणा की कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर नहीं लगेगा। इसके अलावा, वेतनभोगी करदाताओं को मानक कटौती के तौर पर 75,000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इससे न केवल करदाताओं को टैक्स कम करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उनकी आय का एक हिस्सा भी बच सकेगा।
यह बड़ा बदलाव 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह तुरंत प्रभावी हो जाएगा। जब आप अपना टैक्स रिटर्न 2025 में दाखिल करेंगे, तो उस पर ये नए परिवर्तन लागू होंगे।
नए नियम कब लागू होंगे?
यह ध्यान में रखते हुए, जब आप अपना आयकर रिटर्न जुलाई 2025 में दाखिल करेंगे, तब यह नया वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए लागू होगा। यदि आप इस साल के बीच में (जैसे कि जून में) अपना टैक्स रिटर्न जल्दी दाखिल करते हैं, तो ये बदलाव प्रभावी नहीं होंगे। यानि इन बदलावों का असर अगले साल से पड़ेगा, जब आप अपने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए टैक्स रिटर्न दाखिल करेंगे।
क्या थे पहले के नियम?
पिछले साल, 23 जुलाई 2024 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में नई कर व्यवस्था की घोषणा की थी। इसमें मानक कटौती की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी गई थी। इसके अलावा, कर स्लैब भी बदले गए थे, जिससे आयकर में छूट और करदाताओं को राहत मिली थी।
अब अगर आप जुलाई 2025 में टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं तो यह नया बदलाव स्वाभाविक रूप से लागू होगा। यह निश्चित रूप से वेतनभोगी करदाताओं के लिए राहत लेकर आएगा।
नई कर व्यवस्था में क्या है खास?
- 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं – यह एक बड़ी राहत है क्योंकि अब करदाताओं को 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
- 3-7 लाख रुपये तक की आय पर 5% टैक्स – 3 लाख रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक की आय पर 5% की टैक्स दर लागू होगी।
- 25,000 रुपये का रिबेट – आयकर धारा 87A के तहत 25,000 रुपये का रिबेट मिलेगा, जिससे करदाताओं की टैक्स देनदारी में और कमी आएगी।
- 7 लाख रुपये से ऊपर की आय पर मानक कटौती – यदि आपकी आय 7 लाख रुपये से अधिक है, तो आप 75,000 रुपये तक की मानक कटौती का लाभ उठा सकते हैं। इस प्रकार, एक व्यक्ति जिसकी सकल आय 7.75 लाख रुपये है, उसे इस वर्ष आयकर का भुगतान नहीं करना होगा।
ये परिवर्तन नई कर व्यवस्था के तहत लागू होंगे, जिसे डिफ़ॉल्ट व्यवस्था माना जाएगा। यदि आप नई कर व्यवस्था को अपनाते हैं, तो ये सारे फायदे लागू होंगे।
पुरानी कर व्यवस्था में क्या बदलने वाला है?
अगर आप पुरानी कर व्यवस्था को चुनते हैं, तो टैक्स स्लैब कुछ इस प्रकार होंगे:
- 0-2.5 लाख रुपये – आय पर कोई टैक्स नहीं।
- 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये – 5% टैक्स।
- 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये – 12.5 लाख रुपये तक 5% टैक्स + 10 लाख रुपये से ऊपर 20% टैक्स।
- 10 लाख रुपये से ऊपर – 1,12,500 रुपये + 10 लाख रुपये से ऊपर 30% टैक्स।
यह पुरानी कर व्यवस्था विकल्प के तौर पर उपलब्ध रहेगी, और इसे चुनने वाले करदाताओं को अपने आयकर रिटर्न में पुरानी टैक्स दरों के हिसाब से ही टैक्स का भुगतान करना होगा।
नए नियमों का प्रभाव:
यह बदलाव भारत के वेतनभोगी करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत का कारण बनेगा। इस कदम से न केवल वेतनभोगी कर्मचारियों को टैक्स में राहत मिलेगी, बल्कि यह करदाताओं को अपने आयकर में अधिक बचत करने का मौका भी देगा। साथ ही, इन परिवर्तनों का असर भारतीय कर प्रणाली को और भी आसान और आकर्षक बनाने की दिशा में होगा।
यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी परिवर्तन 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे, और अगर आप इस वर्ष अपना टैक्स रिटर्न जल्दी दाखिल करते हैं, तो ये बदलाव आपके रिटर्न में शामिल नहीं होंगे।
आखिरकार:
बजट 2025 में किए गए ये सुधार भारतीय करदाताओं के लिए निश्चित रूप से राहत लेकर आएंगे। यदि आप अपनी आयकर रिटर्न में बदलाव देखना चाहते हैं, तो आपको इन परिवर्तनों का लाभ उठाने के लिए जुलाई 2025 में अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा।
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