April 20, 2026

बृजभूषण शरण सिंह पर गोंडा कोर्ट का जुर्माना, झूठी गवाही देने पर माफी

उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, जो अक्सर किसी न किसी कारण से चर्चा में रहते हैं, इस बार एक कानूनी मामले के कारण सुर्खियों में हैं। गोंडा की स्थानीय अदालत ने मंगलवार को उन्हें झूठी गवाही देने के मामले में 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत में पेश होकर बृजभूषण ने जुर्माना भरकर माफी भी मांगी, जिसके बाद उनका गैर जमानती वारंट रद्द कर दिया गया।

गोंडा कोर्ट में झूठी गवाही का मामला

यह मामला 1990 के एक विवाद से जुड़ा हुआ है, जब बृजभूषण शरण सिंह ने उग्रसेन सिंह, वीरेंद्र कुमार मिश्रा और रमेश चंद्र मिश्रा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी जान लेने की कोशिश की थी। बृजभूषण का कहना था कि 8 सितंबर 1990 को जब वह अपने मोहल्ला पड़ाव स्थित आवास पर थे, तो इन तीनों ने पिस्तौल और चाकू से उन पर हमला किया था। इस हमले में उनके हाथ में चोट आई थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने हमलावरों को पकड़ लिया था।

बृजभूषण की शिकायत पर पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया था, और मामले की जांच शुरू हुई थी। इस बीच, मुकदमे के दौरान उग्रसेन सिंह और रमेश चंद्र मिश्रा की मौत हो गई, जबकि तीसरे आरोपी, वीरेंद्र कुमार मिश्रा के खिलाफ मामले की सुनवाई जारी रही।

गवाही में हुआ बदलाव

जब मामला कोर्ट में था, तो बृजभूषण शरण सिंह ने गवाही के दौरान वीरेंद्र कुमार मिश्रा को आरोपी के रूप में पहचानने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह गवाही दी कि वीरेन्द्र कुमार मिश्रा ने उन पर हमला नहीं किया था। इससे अदालत को वीरेंद्र कुमार मिश्रा को बरी करने का आदेश देना पड़ा, और 11 सितंबर 2024 को उन्हें बरी कर दिया गया।

झूठी गवाही देने पर कानूनी कार्रवाई

बृजभूषण शरण सिंह द्वारा दी गई झूठी गवाही पर सरकारी वकील ने आपत्ति जताई और अदालत से इस मामले में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद, गोंडा की अदालत ने 17 सितंबर 2024 को उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। अदालत ने उन्हें तलब किया, लेकिन वह पेश नहीं हुए, जिसके चलते उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया।

जुर्माना और माफी

वारंट जारी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह सोमवार को कोर्ट में पेश हुए और माफी मांगी। उन्होंने अदालत में जुर्माना भरते हुए इस मामले को निपटाया। अदालत ने उनके ऊपर 500 रुपये का जुर्माना लगाया और उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को रद्द कर दिया। इस प्रकार, बृजभूषण शरण सिंह ने अदालत से माफी मांगते हुए इस कानूनी विवाद को सुलझाया।

कानूनी विवाद और राजनीतिक प्रभाव

बृजभूषण शरण सिंह का यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। उनके खिलाफ पहले भी कई विवाद उठ चुके हैं, और यह मामला उनके लिए एक और कानूनी चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि, इस घटना के बाद यह देखा जाएगा कि यह विवाद उनके राजनीतिक करियर पर कितना प्रभाव डालता है।

गोंडा की अदालत द्वारा लगाए गए जुर्माने और बृजभूषण द्वारा माफी मांगने के बाद, यह मामला अब समाप्त हो गया है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं, खासकर उनके सार्वजनिक जीवन और छवि पर।

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