April 18, 2026

क्वेटा धमाका: पाक सेना एजेंट हसनी की हत्या का BLA ने लिया जिम्मा, चुंबकीय बम से हुआ हमला

बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में एक और बड़ा हमला सामने आया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना से जुड़े माने जा रहे एजेंट बाबुल मोहम्मद हसनी की हत्या की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया और अलगाववादी समूह BLA (बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी) से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यह हमला क्वेटा के ब्रेवरी बाईपास इलाके में एक चुंबकीय बम के जरिए अंजाम दिया गया।

क्या हुआ था हमला?
जानकारी के मुताबिक, बाबुल मोहम्मद हसनी अपने चार अन्य साथियों के साथ एक कार में सवार थे, तभी अचानक वाहन में भीषण विस्फोट हुआ। यह धमाका उस वक्त हुआ जब कार शहर के व्यस्त इलाके से गुजर रही थी। हसनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

BLA का दावा और तरीका
इस हमले की जिम्मेदारी BLA ने ली है। यह संगठन लंबे समय से पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अलगाववादी आंदोलन और सशस्त्र संघर्ष में शामिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला चुंबकीय बम से किया गया, जिसे वाहन के नीचे लगाया गया था और दूर से विस्फोटित किया गया। यह तरीका हाल के वर्षों में पाकिस्तान में बढ़ते टारगेटेड अटैक्स का हिस्सा बन चुका है।

पाकिस्तानी एजेंसियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आशंका जताई है कि यह हमला एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा हो सकता है और अन्य संवेदनशील ठिकानों पर भी चौकसी बढ़ाई गई है।

कौन था बाबुल मोहम्मद हसनी?
बताया जा रहा है कि बाबुल हसनी पाकिस्तानी सेना के सहयोगी के तौर पर “डेथ स्क्वाड” नामक सरकार समर्थित मिलिशिया से जुड़ा था, जिसे BLA अपना प्रमुख दुश्मन मानता है। पिछले कुछ वर्षों में BLA द्वारा इस तरह के कई हमलों को अंजाम दिया गया है, जिनमें पाकिस्तान के सुरक्षाबलों और उनके समर्थकों को निशाना बनाया गया।

क्या बढ़ेगा तनाव?
इस घटना के बाद बलूचिस्तान में सुरक्षा और अधिक कड़ी किए जाने के संकेत हैं। साथ ही, अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तान सरकार के बीच टकराव की आशंका फिर तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों और विद्रोही गुटों के बीच झड़पें और तेज़ हो सकती हैं।

यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा स्थिति पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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