Prof Muhammad Yunus also recipient of the US Presidential Medal of Freedom and the Congressional Gold Medal
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय विवादों के केंद्र में आ गए हैं। खुद को पाकिस्तान से स्वतंत्र घोषित करने वाले रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने शहबाज शरीफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का दावा किया है। इस कदम को बलूचिस्तान ने अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन से जोड़ते हुए एक गंभीर राजनीतिक संदेश के रूप में पेश किया है। बलूचिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बिना वैध वीजा और कानूनी अनुमति के उसके क्षेत्र में प्रवेश किया, जो उनके कानूनों के अनुसार आपराधिक कृत्य है।
रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शहबाज शरीफ ने जानबूझकर बलूचिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। आरोप है कि उन्होंने न तो बलूचिस्तान प्रशासन से पूर्व अनुमति ली और न ही आव्रजन नियमों का पालन किया। बलूच नेतृत्व का दावा है कि यह न केवल अवैध प्रवेश का मामला है, बल्कि उनके हवाई क्षेत्र और भौगोलिक सीमाओं का भी गैरकानूनी अतिक्रमण है। इसी आधार पर गिरफ्तारी वारंट जारी करने की बात कही गई है।
बलूचिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह खुद को एक स्वतंत्र, संप्रभु और अलग राष्ट्र मानता है, जहां किसी भी व्यक्ति को—चाहे वह कितना ही बड़ा पदाधिकारी क्यों न हो—कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। बयान में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री होने के बावजूद शहबाज शरीफ को बलूचिस्तान के आव्रजन कानूनों से कोई छूट नहीं मिल सकती। यदि कोई व्यक्ति वैध दस्तावेजों और वीजा के बिना बलूचिस्तान में प्रवेश करता है, तो उसे वहां के कानून के तहत अपराधी माना जाएगा।
रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शहबाज शरीफ भविष्य में उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें क्वेटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे या किसी भी सीमा प्रवेश और निकास बिंदु पर हिरासत में लिया जा सकता है। संगठन का कहना है कि एक संप्रभु राष्ट्र होने के नाते उसे यह पूरा अधिकार है कि वह अपने कानूनों को लागू करे और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे, चाहे वह किसी भी देश का प्रधानमंत्री ही क्यों न हो।
इस घोषणा के साथ बलूचिस्तान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, पाकिस्तानी सेना प्रमुख और अन्य अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी दी है। कहा गया है कि भविष्य में कोई भी पाकिस्तानी नागरिक या अधिकारी यदि पूर्व वीजा स्वीकृति या आधिकारिक अनुमति के बिना बलूचिस्तान में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर मुकदमा चलाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें जबरन पाकिस्तान वापस भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष मई में बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने पाकिस्तान से स्वतंत्रता की घोषणा की थी। उनका आरोप है कि बलूचिस्तान में दशकों से हिंसा, जबरन गायब किए जाने की घटनाएं और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन होते रहे हैं। स्वतंत्रता की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर प्रस्तावित बलूच राष्ट्रीय ध्वज और स्वतंत्र राज्य के नक्शे तेजी से वायरल हुए थे। अब शहबाज शरीफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का दावा उसी आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाने की एक और कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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