बिहार चुनाव 2025: सीमांचल में गरमाई सियासत, बीजेपी ने उठाया बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा
बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और तारीखों के ऐलान से पहले ही सीमांचल की सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को बड़े चुनावी हथियार के रूप में उछाल दिया है। पार्टी का फोकस सीमांचल के उन जिलों पर है जो पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे हैं और जहां मुस्लिम आबादी लगभग 47% है। बीजेपी यहां वोटों के ध्रुवीकरण के जरिए अपने वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हाल की रैलियों में विपक्षी गठबंधन—राजद और कांग्रेस—पर विदेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि “महागठबंधन वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से समझौता कर रहा है।” वहीं, विपक्ष का पलटवार है कि बीजेपी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
गौरतलब है कि सीमांचल के चार जिले—कटिहार, किशनगंज, अररिया और पूर्णिया—बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 24 सीटें तय करते हैं। यहां मुस्लिम और यादव मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पिछली बार एआईएमआईएम ने यहां पांच सीटें जीतकर सियासी समीकरण बदले थे। इस बार बीजेपी इस क्षेत्र में घुसपैठ के मुद्दे को भुनाकर महागठबंधन को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है। बिहार में चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है।
Share this content:
