बिहार का ऐतिहासिक बजट 2025: 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश, महिलाओं, गरीबों और युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं
बिहार विधानसभा में सोमवार को वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य का 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले साल की तुलना में 38 हजार 167 करोड़ रुपये अधिक है। यह बजट चुनावी साल के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य के विकास को और तेज गति देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सम्राट चौधरी ने इस मौके पर कहा कि बजट का आकार लगातार बढ़ रहा है और बिहार भी विकास की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
वित्त मंत्री ने इस बजट का आकार पिछले वर्ष के मुकाबले 38,169 करोड़ रुपये ज्यादा बताया, और इसे बिहार के गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, और वृद्धों के लिए एक संजीवनी बताया। उन्होंने बताया कि बिहार की आर्थिक स्थिति 2005 से लेकर अब तक कितनी बेहतर हुई है, जब राज्य का बजट केवल 23 हजार करोड़ रुपये था।
महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं
इस बजट में महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिससे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी गई है। सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला सिपाहियों के लिए आवासीय सुविधा, गरीब कन्याओं के लिए विवाह मंडप, और महिला हाट एवं पिंक टॉयलेट जैसी योजनाएं महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करेंगी। इसके अलावा, राज्य के सभी पंचायतों में गरीब कन्याओं के विवाह के लिए कन्या विवाह मंडप का निर्माण किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि बिहार के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे, जहां महिला प्रशिक्षकों के द्वारा महिलाओं को वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
बजट में प्रमुख विभागों के लिए आवंटित धनराशि
बजट में विभिन्न विभागों के लिए बड़ी राशियों का आवंटन किया गया है:
- स्वास्थ्य विभाग: 20,335 करोड़ रुपये
- शहरी और ग्रामीण सड़क: 17,908 करोड़ रुपये
- गृह विभाग: 17,831 करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास विभाग: 16,093 करोड़ रुपये
- ऊर्जा विभाग: 13,483 करोड़ रुपये
इसके अलावा, राज्य के 21 कृषि उत्पादन बाजारों के आधुनिकीकरण और समुचित विकास के लिए 1.289 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में बस स्टैंड को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा।
आधुनिक बाजार और कोल्ड स्टोरेज की योजनाएं
बजट में कृषि और विपणन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर फेडरेशन (NCCF) और नेफंड के साथ मिलकर अरहर, मूंग, उड़द जैसे उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्य के सभी अनुमंडलों और प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
वित्त मंत्री ने इस बजट को बिहार के विकास को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाओं को आकार दिया है, और यह बजट राज्य के हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
सामाजिक और आर्थिक सुधार के नए प्रयास
सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि राज्य में विकास की गति को और तेज करने के लिए सरकार कई अन्य योजनाओं पर काम कर रही है, जो गरीब, युवा, महिला, और किसान समेत सभी वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी।
बिहार के लिए यह बजट एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है, जो राज्य के हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
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