April 18, 2026

बिहार में पुलिस पर हमला: खाकी वर्दी भी अब सुरक्षित नहीं, होली की रात पुलिस टीम पर पथराव, पांच घायल

बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, और हाल ही में एक और घटना ने पुलिस की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अररिया और मुंगेर के बाद अब बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला हुआ है। यह घटना होली की रात कासड़ी माधोरामपुर गांव में घटी, जब पुलिस टीम पर पथराव किया गया, जिससे एएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस हमले से पुलिसकर्मियों के मनोबल पर असर पड़ा है और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हमले की घटनाएं

कासड़ी माधोरामपुर गांव में होली के अवसर पर बच्चों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। विवाद में बच्चों के परिजनों का हस्तक्षेप हुआ, जिसके बाद मारपीट हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तभी अचानक ग्रामीणों और बच्चों ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें एक एएसआई, तीन सिपाही और एक चौकीदार शामिल हैं।

घटना के बाद पुलिस ने इस मामले में 24 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा, पुलिस ने पांच अज्ञात पत्थरबाजों को गिरफ्तार भी किया है, जिनके परिजन दावा कर रहे हैं कि उनके बच्चे निर्दोष हैं और उन्हें जबरन उठाया गया है। गिरफ्तार व्यक्तियों के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने पहले मारपीट की, जिसके बाद बच्चों ने प्रतिकार करते हुए पत्थर फेंके।

कानून व्यवस्था पर सवाल

घटना को लेकर राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग यह पूछ रहे हैं कि आखिरकार पुलिस और पब्लिक के बीच सामंजस्य क्यों नहीं है? असामाजिक तत्वों और अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं है? वहीं, इस मामले के एक अन्य पहलू पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने पर क्यों मजबूर हो गए? घटनास्थल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यह साफ नजर आ रहा है कि पुलिस के जवान किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग रहे थे। वहीं, घटना का वीडियो बनाने वाले स्थानीय युवक को भी धमकियां मिल रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीपीओ कल्याण आनंद ने बताया कि कासड़ी गांव में पुलिस का यह कदम एक पुराने विवाद के कारण उठाया गया था। उन्होंने कहा, “सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, जहां अचानक पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया गया। हमले में हमारे एक सब इंस्पेक्टर, तीन सिपाही और एक चौकीदार घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया है, और छापेमारी जारी है।”

एसडीपीओ ने यह भी कहा कि हमले में शामिल 24 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पांच अज्ञात पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना था कि पुलिस पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

इस घटना ने बिहार में पुलिस की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या पुलिस की खाकी वर्दी अब भी सुरक्षित है? क्या राज्य में असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, या यह घटनाएं बढ़ती रहेंगी? फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई प्रभावी होगी और बिहार में असामाजिक तत्वों पर काबू पाया जा सकेगा।

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