अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद भारत की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान की जगह वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा और इसको लेकर एक तरह का सौदा भी हो चुका है। इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है और सवाल उठाया है कि आखिर देश के अहम फैसलों की जानकारी भारत को नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति को कैसे पहले हो जाती है।
कांग्रेस का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है, जब ट्रंप ने भारत सरकार से जुड़े फैसलों का खुलासा किया हो। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि कभी ट्रंप ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बयान देते हैं, कभी रूस से तेल खरीदने को लेकर जानकारी साझा करते हैं और अब वेनेजुएला से तेल खरीदने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक, यह स्थिति चिंताजनक है और इससे सरकार की विदेश नीति व पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उठाया। उन्होंने ट्रंप के बयान का ऑडियो साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार यह बताते आ रहे हैं कि भारत सरकार ने क्या किया है या क्या करने जा रही है। जयराम रमेश ने लिखा कि पहले ट्रंप ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है, फिर उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है और अब यह नया बयान सामने आया है।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा एयर फोर्स वन में यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में किया। उन्होंने कहा कि तेल को लेकर एक बड़ी डील तैयार की गई है और भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहा है। ट्रंप के इस बयान को अमेरिका की ईरान नीति और वैश्विक ऊर्जा राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लंबे समय से लागू हैं।
अगर ट्रंप का दावा सही साबित होता है, तो इसमें कोई नई बात नहीं मानी जा रही। भारत पहले भी वेनेजुएला से तेल खरीदता रहा है, लेकिन 2019 में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत समेत कई देशों ने वहां से तेल आयात रोक दिया था। अब एक बार फिर इस मुद्दे का राजनीतिक और कूटनीतिक असर देखने को मिल रहा है, जिस पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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