April 19, 2026

एशिया कप 2025 में टाइटल स्पॉन्सर के बिना खेलेगी टीम इंडिया, BCCI सेक्रेटरी का बड़ा बयान

एशिया कप 2025 से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को एक बड़ा झटका लगा है। इस बार टीम इंडिया बिना किसी टाइटल स्पॉन्सर के मैदान में उतरने जा रही है। खिलाड़ियों की जर्सी पर अब फ्रंट में Dream11 का लोगो नहीं होगा, क्योंकि कंपनी ने बीसीसीआई के साथ अपना करार खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद बीसीसीआई को टूर्नामेंट से पहले ही नया टाइटल स्पॉन्सर तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है।

दरअसल, भारतीय सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पारित किया है। इस बिल के लागू होने के बाद से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि Dream11 अपनी स्पॉन्सरशिप डील से पीछे हट सकता है। अब यह आशंका हकीकत में बदल गई है। कंपनी ने बीसीसीआई को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है कि वह भारतीय टीम की जर्सी को स्पॉन्सर नहीं कर पाएगी। इसके चलते अब एशिया कप 2025 में टीम इंडिया बिना टाइटल स्पॉन्सर खेलेगी।

गौरतलब है कि Dream11 ने बीसीसीआई के साथ 2023 से 2026 तक के लिए 358 करोड़ रुपये की डील की थी। लेकिन सरकार के नए कानून के बाद यह डील बीच में ही टूट गई। इस डील के टूटने से बीसीसीआई को न केवल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है बल्कि एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम इंडिया की जर्सी पर खाली जगह भी नजर आएगी।

बीसीसीआई सेक्रेटरी देवाजीत सैकिया ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल, 2025 के पारित होने के बाद बीसीसीआई और Dream11 ने अपने संबंध समाप्त करने का फैसला लिया है। बीसीसीआई भविष्य में यह सुनिश्चित करेगा कि वह ऐसे किसी भी कंपनी के साथ साझेदारी न करे जो इस तरह के संवेदनशील मामलों से जुड़ी हो।” उनके बयान से यह साफ है कि बोर्ड अब अपनी स्पॉन्सरशिप पॉलिसी को लेकर ज्यादा सतर्क रुख अपनाने जा रहा है।

वहीं Dream11 के अधिकारी ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कंपनी हमेशा से कानून का पालन करती आई है और आगे भी ऐसा ही करेगी। उनका कहना था कि वे मानते हैं कि प्रगतिशील कानून ही आगे का रास्ता है, इसलिए ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल 2025 का वे पूरी तरह पालन करेंगे। हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ किया कि उन्हें इस फैसले से नुकसान तो होगा लेकिन वह नियमों के दायरे से बाहर नहीं जा सकते।

एशिया कप 2025 की शुरुआत से पहले आई इस खबर ने बीसीसीआई की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना यह होगा कि क्या टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारतीय बोर्ड कोई नया टाइटल स्पॉन्सर खोज पाएगा या टीम इंडिया लंबे समय बाद बिना किसी ब्रांडिंग के खेलते हुए नजर आएगी।

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