उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सोशल मीडिया और पुलिस के त्वरित एक्शन ने एक युवक की जान बचा ली। भमोरा थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक ने पत्नी से विवाद के बाद ज़हर खा लिया और Instagram पर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो अपलोड होते ही Meta की सुरक्षा टीम की नजर इस पर पड़ी, जिसने तुरंत यूपी पुलिस को अलर्ट भेजा। समय रहते मिली इस सूचना के कारण युवक की जान बच पाई।
मामला तब सामने आया जब लखनऊ के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर को Meta की ओर से एक ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में युवक की इंस्टाग्राम आईडी, वीडियो लिंक और लोकेशन डेटा सहित पूरी जानकारी दी गई थी। संदेश में बताया गया था कि युवक आत्महत्या की धमकी दे रहा है और तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। सूचना मिलते ही बरेली की साइबर टीम और भमोरा थाना पुलिस सक्रिय हो गई।
तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस ने युवक की रियल-टाइम लोकेशन ट्रेस की और कुछ ही मिनटों में उसकी लोकेशन पर पहुंच गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो युवक बेहोश हालत में मिला और उसके पास ज़हर का डिब्बा भी मौजूद था। पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि 10 मिनट की भी देरी होती तो उसकी जान बचाना नामुमकिन हो सकता था। Meta के अलर्ट मिलने से लेकर युवक को अस्पताल पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया सिर्फ 12 मिनट के भीतर पूरी हुई।
युवक इलेक्ट्रिशियन का काम करता है और हाल ही में पत्नी से पारिवारिक विवाद के चलते मानसिक तनाव में था। पुलिस के अनुसार, युवक को अब काउंसलिंग देने की प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि वह इस तनाव से उभर सके। घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने यूपी पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना की। युवक की मां ने कहा कि अगर पुलिस इतनी तेजी से न पहुंचती तो उनका बेटा शायद बच नहीं पाता।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि सोशियल मीडिया और पुलिस के बीच तालमेल कितना मजबूत हो चुका है। जब भी कोई आत्महत्या या हिंसा जैसी पोस्ट करता है, Meta जैसे प्लेटफॉर्म तुरंत स्थानीय पुलिस को अलर्ट भेजते हैं। इस तरह की व्यवस्था के कारण अब तक कई लोगों की जान समय रहते बचाई जा चुकी है।
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