बरेली में ईंट-भट्ठे की दीवार ढहने से 7 मजदूर दबे, एक की मौत, गुस्साए परिजनों ने किया हाईवे जाम
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक ईंट-भट्ठे की जर्जर दीवार के गिरने से सात मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से स्थानीय लोग और मृतक मजदूर के परिजन गुस्से में हैं, और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे को जाम कर दिया।
घटना उस समय हुई जब बरेली के मीरगंज इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। दीवार के गिरने से सात मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाया गया, और मजदूरों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया।
हादसे में घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। लेकिन तीन घंटे तक मलबे में दबे मजदूरों की मदद के लिए प्रशासन की देरी ने परिजनों और स्थानीय लोगों को गुस्से से भर दिया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने समय पर बचाव कार्य नहीं किया और इस दौरान भट्ठे के मालिक का कोई पता नहीं चला। स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्ठे की दीवार बहुत पुरानी और जर्जर थी, जिस कारण यह हादसा हुआ।
घटना के बाद मृतक मजदूर के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाईवे जाम कर दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने फोन करने के बावजूद देर से मौके पर पहुंची और उन्होंने शव को भी परिजनों से नहीं मिलने दिया। मृतक मजदूर के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनका अब भविष्य अंधेरे में नजर आ रहा है। परिजनों ने मुआवजे की मांग की है, और भट्ठा मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, और प्रशासन की टीमें मजदूरों के परिवारों को सहायता प्रदान करने की तैयारी कर रही हैं। वहीं, मजदूरों के परिजनों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है, और वे प्रशासन के खिलाफ लगातार आक्रोशित हैं।
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