उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई जब प्रसिद्ध व्यापारी और कल्पना साड़ी सेंटर के मालिक नीरज जैन ने रविवार देर रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना लक्ष्मणपुरी कॉलोनी की बताई जा रही है। गोली चलने की आवाज सुनते ही पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा तो नीरज जैन का शव खून से लथपथ हालत में मिला। उनके पास से लाइसेंसी रिवॉल्वर और तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ।
सुसाइड नोट में नीरज जैन ने अपने व्यापारिक विवादों और मानसिक तनाव का जिक्र करते हुए लिखा कि वह लंबे समय से लेन-देन के कारण परेशान थे। उन्होंने साफ लिखा—“मैं अपने लेन-देन से परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहा हूं। मेरी मृत्यु के बाद मेरे कर्ज का मेरी पत्नी और बच्चों से कोई संबंध नहीं है, अगर कोई उन्हें परेशान करेगा तो वही मेरी मौत का जिम्मेदार होगा।” इस सुसाइड नोट में कई लोगों के नाम भी दर्ज हैं, जिन पर नीरज ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
नीरज जैन ने अपने पत्र में उमा कान्त उपाध्याय, रंजीत बलराय, रंजीत शुक्ला, वीर बहादुर और शुभम वर्मा जैसे लोगों का नाम लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने गलत बोलकर उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बताया कि रंजीत नाम के व्यक्ति ने उनसे जबरन दुकान का फर्जी एग्रीमेंट कराया और उनकी पत्नी से चेक भी ले लिए। इसके अलावा नीरज ने यह भी लिखा कि उनके मुश्किल वक्त में केवल “दाऊ भाई” और “KD भाई” ने उनका साथ दिया और दुकान बचाने में मदद की थी।
अपने सुसाइड नोट में नीरज जैन ने अपनी आखिरी इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि उनके शरीर को मेडिकल कॉलेज में दान किया जाए और आंखें किसी जरूरतमंद को दान की जाएं। साथ ही उन्होंने अपने करीबी दोस्तों—संजीव, केके, मोनू और नवनीत जैन—का आभार जताया। अंत में उन्होंने पत्नी पूजा और बेटी आंचल से माफी मांगते हुए लिखा, “अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर देना। मैं आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से परेशान होकर यह कदम उठा रहा हूं।”
फिलहाल नगर कोतवाली पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पत्र में दर्ज नामों की जांच की जा रही है और व्यापारिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर फोकस किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस घटना से बाराबंकी का पूरा व्यापारी समुदाय सदमे में है। स्थानीय लोग नीरज जैन को एक मेहनती और ईमानदार व्यापारी के रूप में याद कर रहे हैं, जिनकी मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
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