बहरीन में असदुद्दीन ओवैसी ने किया पाकिस्तान को बेनकाब, कहा– आतंकवाद के लिए सिर्फ पाकिस्तान जिम्मेदार, धर्म के नाम पर की गई हत्याएं
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय संसद के सदस्यों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल वर्तमान में दुनियाभर के विभिन्न देशों की यात्रा कर रहा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद की सच्चाई को वैश्विक मंच पर उजागर करना है। इसी कड़ी में भारतीय दल हाल ही में बहरीन पहुंचा, जहां उन्होंने पाकिस्तान की आतंकवादी नीतियों पर खुलकर हमला बोला। इस दल का नेतृत्व बीजेपी के वरिष्ठ सांसद बैजयंत पांडा कर रहे हैं। उनके साथ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, सांसद निशिकांत दुबे, फांगनोन कोन्याक, एनजेपी सांसद रेखा शर्मा, सांसद सतनाम सिंह संधू, गुलाम नबी आज़ाद और भारत के पूर्व राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला शामिल हैं।
बहरीन में हुए विशेष कार्यक्रम में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान ने वर्षों से धर्म का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों की हत्याओं को उचित ठहराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि इस्लाम किसी भी प्रकार के आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और कुरान में स्पष्ट लिखा है कि एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या पूरी मानवता की हत्या के समान है। ओवैसी ने कहा कि आतंकवादी संगठनों ने कुरान की आयतों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और लोगों की भावनाओं का गलत इस्तेमाल किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब देश की अखंडता और सुरक्षा की बात आती है, तो पूरा देश एकजुट होता है। ओवैसी ने यह स्पष्ट किया कि चाहे वह किसी भी राजनीतिक विचारधारा से हों, भारत के सभी नेता पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एकमत हैं। उन्होंने बहरीन सरकार से अपील की कि वह पाकिस्तान को एक बार फिर FATF (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट में डालने के लिए भारत का समर्थन करे, क्योंकि पाकिस्तान को मिलने वाला अंतरराष्ट्रीय फंड सीधा आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में इस्तेमाल किया जा रहा है।
असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर पाकिस्तान ने भविष्य में कोई दुस्साहस किया तो उसका जवाब भारत की ओर से पहले से कहीं अधिक कठोर होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल पूरी दुनिया को यह बताने के लिए भेजा गया है कि भारत पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए आतंकवाद का शिकार रहा है और अब समय आ गया है कि विश्व समुदाय इस खतरे को गंभीरता से ले।
बहरीन में भारत की ओर से उठाए गए इस कदम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां भारत ने न केवल आतंकवाद की वैश्विक लड़ाई में अपनी भूमिका को रेखांकित किया बल्कि इस्लाम की वास्तविक शिक्षा को भी दुनिया के सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा 33 देशों तक फैला है, जिसका मकसद है पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करना और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना।
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