April 18, 2026

उदयपुर के पूर्व राजघराने के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन, पूरे राजस्थान में शोक की लहर

राजस्थान: उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के वंशज और मेवाड़ के 76वें संरक्षक, अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन हो गया है। 80 वर्षीय अरविंद सिंह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और उदयपुर के सिटी पैलेस स्थित शंभू निवास में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को, राजघराने की परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अरविंद सिंह के निधन से मेवाड़ क्षेत्र और पूरे राजस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है।

राजघराने के छोटे बेटे, महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह की अंतिम यात्रा

अरविंद सिंह मेवाड़, भागवत सिंह मेवाड़ और सुशीला कुमारी मेवाड़ के छोटे बेटे थे। उनके बड़े भाई, महेन्द्र सिंह मेवाड़ का निधन पिछले साल नवंबर 2024 में हुआ था, जिसके बाद यह परिवार और भी अधिक आहत हो गया। अब अरविंद के निधन से मेवाड़ राजवंश में गहरा शोक है। राजघराने के इस प्रमुख सदस्य का निधन उदयपुर के लिए एक बड़ी क्षति है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवनकाल में शहर और क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई थी।

शिक्षा और विदेश यात्रा: अरविंद सिंह का योगदान केवल भारत तक सीमित नहीं था

अरविंद सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने उदयपुर के महाराणा भूपाल कॉलेज से कला में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद, उन्होंने यूके के सेंट एल्बंस मेट्रोपॉलिटन कॉलेज से होटल मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की। उनका जीवन न केवल भारतीय परंपराओं से गहरा जुड़ा था, बल्कि उन्होंने विदेशों में भी समय बिताया। अमेरिका में कुछ समय नौकरी करने के बाद, वे एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बने। उनका यह अनुभव उन्हें व्यावसायिक सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गया।

समाज सेवा में भी किया महत्वपूर्ण योगदान

अरविंद सिंह ने सिर्फ व्यवसाय और होटल उद्योग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि समाजसेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ट्रस्ट, महाराणा मेवाड़ ऐतिहासिक प्रकाश ट्रस्ट और राजमाता गुलाब कुंवर चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष भी थे। इन ट्रस्टों के माध्यम से उन्होंने कई समाजसेवी कार्य किए और मेवाड़ क्षेत्र के विकास में योगदान दिया।

उदयपुर और मेवाड़ के लिए अरविंद सिंह का योगदान और उनकी विरासत

अरविंद सिंह के निधन के साथ, मेवाड़ क्षेत्र ने एक महान नेतृत्व को खो दिया है। उन्होंने उदयपुर और मेवाड़ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया। उनकी भूमिका सिर्फ एक राजघराने के सदस्य के रूप में ही नहीं, बल्कि एक समाजसेवी और सांस्कृतिक संरक्षक के रूप में भी महत्वपूर्ण थी। उनकी प्रेरणा और कार्यों से उदयपुर को एक नई दिशा मिली और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

अंतिम संस्कार की तैयारियां और श्रद्धांजलि का दौर

अरविंद सिंह के निधन के बाद, उनकी अंतिम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। उनके अंतिम संस्कार में मेवाड़ क्षेत्र के लोग और राजस्थान के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे, ताकि वे इस महान शख्सियत को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। उनकी मृत्यु से जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भर पाना मुश्किल होगा, लेकिन उनका योगदान और उनके द्वारा की गई सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।

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