देश का मजाक बना दिया… अमेरिकी दौरे पर पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर बवाल
व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रेयर अर्थ मिनरल्स का तोहफा पेश करने पर विपक्ष हमलावर, सीनेटर बोले– दुकानदार बनकर घूम रहे हैं आर्मी चीफ
पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों अपने अमेरिकी दौरे को लेकर सुर्खियों में हैं। वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) का तोहफा पेश किया। हालांकि यह पहल उनके देश में ही तीखी आलोचना का कारण बन गई है। विपक्षी दलों ने इस कदम को लोकतंत्र और संसद की अवमानना बताया और इसे पाकिस्तान की संप्रभुता से खिलवाड़ करार दिया।
दरअसल, व्हाइट हाउस से जारी एक तस्वीर में मुनीर को ट्रंप को लकड़ी का डिब्बा भेंट करते हुए देखा गया, जिसमें दुर्लभ खनिज रखे गए थे। यही तस्वीर पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल का कारण बन गई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि रणनीतिक महत्व वाले संसाधनों को इस तरह विदेशी नेताओं के सामने प्रदर्शित करना न सिर्फ असंवेदनशील है बल्कि एक स्वतंत्र देश के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुँचाता है।
अवामी नेशनल पार्टी (ANP) के अध्यक्ष और सीनेटर ऐमल वली खान ने संसद में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के नाम पर मजाक है। उन्होंने तीखे लहजे में आरोप लगाया कि आर्मी चीफ “दुकानदार” की तरह बर्ताव कर रहे हैं और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सिर्फ तमाशा देख रहे थे। ऐमल वली खान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि दुनिया ने तस्वीर देखी और कहा– “कौन सा आर्मी चीफ इस तरह संसाधनों का सैंपल दिखाता है?” उनके मुताबिक यह किसी बड़े ब्रांडेड स्टोर के मैनेजर और दुकानदार जैसा दृश्य लग रहा था।
विपक्ष का सवाल यह भी है कि आखिर किस कानून और किस संवैधानिक अधिकार के तहत सेना प्रमुख देश के रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे रणनीतिक संसाधनों को विदेशी नेताओं के सामने प्रदर्शित कर सकते हैं। सीनेटरों का कहना है कि यह संसद की खुली अवमानना है और तानाशाही रवैये का प्रतीक है। पाकिस्तान जैसे आर्थिक संकट से जूझते देश में जहां जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है, वहां इस तरह का कदम देश की गरिमा को और कमजोर करता है।
इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुलाकात के दौरान एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच “एक बड़ा युद्ध” रोका था। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख ने खुद उनसे यह स्वीकार किया था। उन्होंने गर्व से कहा कि उनकी इस भूमिका की गवाही उनकी चीफ ऑफ स्टाफ सुजी वाइल्स भी देती हैं। ट्रंप की इस बात ने पाकिस्तान की राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेयर अर्थ मिनरल्स आज की दुनिया में अत्यधिक रणनीतिक संसाधन हैं, जिनका इस्तेमाल मोबाइल, बैटरी, मिसाइल और आधुनिक तकनीक में होता है। ऐसे में इन खनिजों को “तोहफे” की तरह पेश करना देश के संसाधनों को हल्के में लेना है। यही वजह है कि पाकिस्तान के भीतर इसे लेकर भारी नाराजगी है और यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
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