अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बीफ पार्टी का विवाद: पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, करणी सेना की गिरफ्तारी की मांग
अलीगढ़ के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में बीफ पार्टी के आयोजन को लेकर विवाद तेज हो गया है। 8 फरवरी 2025 को एएमयू के सुलेमान हाल की दीवार पर एक बीफ बिरयानी पार्टी के आयोजन का नोटिस चस्पा किया गया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिंदूवादी संगठनों के बीच आक्रोश का कारण बन गया। अखिल भारतीय करणी सेना समेत कई हिंदूवादी संगठन इस आयोजन को लेकर तीव्र विरोध कर रहे हैं, और उनका आरोप है कि आयोजकों ने हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
करणी सेना का प्रदर्शन और गिरफ्तारी की मांग
सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीफ पार्टी के नोटिस के बाद अखिल भारतीय करणी सेना के पदाधिकारी सक्रिय हो गए। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को पुलिस को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने एएमयू में बीफ पार्टी के आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही। इसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अलीगढ़ के तस्वीर महल स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क पर एकत्रित होकर हाथों में भगवा झंडे लहराए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
पुलिस का त्वरित एक्शन और करणी सेना की चेतावनी
करणी सेना के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन राजवीर परमार ने पीएसी के साथ प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। इसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय की ओर बढ़े और वहां बीफ पार्टी के आयोजकों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए एक ज्ञापन क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन अभय कुमार पांडे को सौंपा।
ज्ञानेंद्र चौहान ने इस आयोजन को हिंदू समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया और कहा कि एएमयू में बीफ पार्टी का आयोजन हिंदू समाज को चुनौती देने जैसा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीफ और बफेलो (भैंस) में अंतर है, और यदि कोई टाइपिंग मिस्टेक के नाम पर इसे माफ करने की बात करता है, तो वह स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि इस विवाद में पूरी तरह से सुसंगत कार्रवाई होनी चाहिए, और अगर एएमयू में बीफ पार्टी आयोजित करने वाले आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो करणी सेना के कार्यकर्ता एएमयू के प्रॉक्टर ऑफिस का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
पुलिस ने शुरू की जांच और मुकदमा दर्ज किया
सिविल लाइन क्षेत्राधिकारी अभय कुमार पांडे ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि पुलिस ने बीफ पार्टी के आयोजन को लेकर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि एएमयू में 8 फरवरी को डाइनिंग हॉल के नोटिस में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाने पर मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है, और जल्द ही मामले से संबंधित ठोस विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब क्या होगा?
यह मामला अब पुलिस और हिंदूवादी संगठनों के बीच एक बड़ा विवाद बन चुका है। पुलिस द्वारा कार्रवाई के बावजूद, करणी सेना ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शांत न होने की बात कही है। इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या एएमयू प्रशासन इस विवाद का समाधान निकाल सकेगा या फिर यह मामला और जटिल हो जाएगा।
इस बीच, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को शांति से सुलझा सकें। अब देखना होगा कि पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई क्या रूप लेगी और क्या हिंदूवादी संगठनों की मांग पूरी होगी या मामला और बढ़ेगा।
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