April 20, 2026

10 मिनट की देरी… और बच गई ज़िंदगी: अगर वो वक्त पर पहुंच जाती, तो आज इस दुनिया में नहीं होती

गुरुवार, 12 जून 2025… दिन दोपहर 1:38 बजे… अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरती एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171। ये दिन सैकड़ों यात्रियों के लिए एक आम दिन जैसा था, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह एक खौफनाक त्रासदी में बदल गया। विमान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद मेघनी नगर के पास बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स में से 241 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन इस हादसे की एक परछाईं के नीचे एक चमत्कार भी छिपा था—एक ऐसी महिला की कहानी, जो उस फ्लाइट को 10 मिनट की देरी से मिस कर गई, और इस देरी ने उसकी जिंदगी बचा ली।

भूमि चौहान – वो महिला जो मौत के दरवाज़े से लौट आई

अहमदाबाद की रहने वाली भूमि चौहान, लंदन में रहने वाले अपने पति के पास जाने के लिए उसी फ्लाइट में सफर करने वाली थीं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। शहर के ट्रैफिक में फंसने के कारण वह एयरपोर्ट के चेक-इन गेट पर 10 मिनट की देरी से पहुंचीं। एयरपोर्ट स्टाफ ने नियमों का हवाला देते हुए बोर्डिंग से इनकार कर दिया। निराशा और खिन्नता के साथ वह वापस लौट गईं। लेकिन कुछ घंटे बाद जब टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर विमान क्रैश की खबरें आने लगीं, तो उनकी रूह कांप गई। वही फ्लाइट… जो उन्होंने ली होती… अब एक जलता हुआ मलबा बन चुकी थी।

“मेरे शरीर में कंपन था… मैं सुन्न हो गई थी। मुझे लगा मेरी देवी मां और गणपति बप्पा ने मुझे बचा लिया।”, ANI को दिए एक इंटरव्यू में भूमि ने कहा। “अगर मैं समय पर पहुंच जाती, तो आज ये बातचीत नहीं कर रही होती।”

विमान हादसे की दिल दहला देने वाली कहानी

Air India की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, फ्लाइट AI-171, ने अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए दोपहर 1:38 पर उड़ान भरी थी। विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। टेकऑफ के करीब 12 मिनट बाद ही, 1:50 बजे, इसका संपर्क टूट गया। पायलट ने इमरजेंसी ‘मेडे कॉल’ जारी किया, लेकिन कुछ ही पल में विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में जा गिरा, जहां 100 से ज्यादा छात्र लंच कर रहे थे।

विस्फोटक ईंधन टैंक के कारण आग भड़क उठी और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। इस हादसे में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, और एक्टर विक्रांत मैसी के फैमिली फ्रेंड समेत कई प्रमुख लोग जान गंवा बैठे। केवल एक व्यक्ति, सीट 11A पर बैठे ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश, इस भयंकर हादसे में जीवित बच पाए, जो इस वक्त अस्पताल में इलाजरत हैं।

बचाव, राहत और सख्त जाँच

हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। टाटा समूह, एयर इंडिया के मालिक, ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवज़े और घायलों का पूरा इलाज कराने की घोषणा की। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शोक व्यक्त किया और शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया।

DGCA और अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग की टीमें हादसे की जांच में जुट गई हैं। प्रारंभिक अंदेशा है कि या तो इंजन में खराबी थी या कोई गंभीर तकनीकी समस्या। लेकिन ब्लैक बॉक्स की जांच से ही हादसे के असली कारण का खुलासा हो सकेगा।

जिन्होंने अपनों को खोया…

हादसे में मारे गए लोगों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। हवाई जहाज में बैठे अधिकांश यात्रियों के परिवार अब गहरे शोक में हैं। बी.जे. मेडिकल कॉलेज हॉस्टल के कई छात्र भी इस हादसे की चपेट में आए। शहर के अस्पतालों और श्मशानों में मातम पसरा हुआ है।

कभी-कभी देर भी वरदान बन जाती है…

भूमि चौहान की कहानी यह बताती है कि कभी-कभी छोटी सी देरी, जीवन और मृत्यु के बीच की सबसे बड़ी रेखा बन जाती है। अहमदाबाद का यह हादसा न केवल तकनीकी प्रणाली की जांच की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित और क्षणिक हो सकती है।

और जब मौत सामने खड़ी हो… तो किस्मत आपको मोड़ देती है एक नए रास्ते की ओर।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!